

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- नगर के एस एस पैलेस में दो दिवसीय भाकपा माले का जिला सम्मेलन उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया. अंतिम दिन का.जीउत, सहतू, राजेश सिंह नगर, का.जीवन, विकास, नरसिंह नगर, का.जगदीश मास्टर, राम नरेश राम,राम इश्वर अहीर, ज्योति प्रकाश मंच में भाकपा माले ( लिबरेशन ) के 11वें जिला सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत मंगलवार को शहीद कॉमरेड चंद्रशेखर (चंदू) की शहादत दिवस मनाकर की गयी. उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया गया. शहीद चंदू की चित्र पर पार्टी के बिहार राज्य सचिव कॉम कुणाल जी, पोलित ब्यूरो सदस्य कॉम अमर जी, पार्टी के वरिष्ठ नेता सह राज्य कमिटी सदस्य कॉम मनोहर जी, जिला सचिव कॉम नवीन जी, पूर्व विधायक डॉ अजीत कुमार सिंह, कॉम अलख नारायण चौधरी सहित सैकड़ों पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
सम्मेलन के पहले दिन विदाई जिला कमिटी के सचिव नवीन कुमार ने कामकाज की रिपोर्ट प्रतिनिधियों के समक्ष पढ़ा. कामकाज की रिपोर्ट पर बहस में कुल 21 लोगों ने प्रतिनिधि सत्र में हिस्सा लिया था. दूसरे दिन 7 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. दूसरे दिन सम्मेलन को पार्टी राज्य सचिव कुणाल, पॉलित ब्यूरो सदस्य का. अमर, राज्य कमिटी के वरिष्ठ नेता का. मनोहर जी, पर्यवेक्षक का. राजू यादव ने संबोधित किया.संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने कहा कि आज भाजपा सरकार द्वारा जनता के अधिकार एक एक कर छीना जा रहा है. जो भी पूर्व में गरीबों, किसानों मजदूरों, छात्र नौजवानों, कमजोर तबके के लोगों ने संघर्ष के बदौलत अपने पक्ष में कुछ नीतियां बनवाई हैं.
वो सभी जनपक्षधर नीतियों को मोदी सरकार बदल रही है या खत्म कर रही है. जन अधिकारों को खत्म कर मोदी सरकार सब कुछ देश के चुनिंदा पूंजीपतियों को देने पर आमादा है और दिया भी जा रहा है.ऐसे समय में जब जन अधिकारों को सता द्वारा खत्म किया जा रहा हो, भाकपा माले को और मजबूत करने और जन अधिकारों की रक्षा हेतु मजबूत जन आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है.
चार श्रम कोड लाकर मजदूरों के तमाम अधिकार खत्म किया जा रहा है, सरकारी नौकरियों को खत्म कर युवाओं के सपनो को रौदा जा रहा है. गरीबों के लिए बने मनरेगा कानून देश में बना आज मनरेगा को कमजोर कर ग्रामीण मजदूरों के सामने संकट पैदा कर दिया गया है.पूरे देश में नफ़रत फैलाने की कोशिश हो रही है इसका मजबूत खिलाफत करते हुए जन एकता स्थापित कर इस जनविरोधी सरकार को सता से बाहर का रास्ता दिखाना होगा.बिहार सरकार इस बार भारी बहुमत से आते ही पूरे बिहार में गरीबों के घरों पर बुल्डोजर चलाना शुरू कर दिया.
बिना नोटिस दिए कई जगह गरीबों दलितों के घरों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के ही निर्ममता से उजाड़ दिया गया. बिहार को भाजपाई बुल्डोजर राज की प्रयोगशाला बनाने के खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा और सरकार को मजबूर करना होगा ताकि वो अपने इस जनविरोधी, गरीब विरोधी, दलित विरोधी फैसले से पीछे हटे.सम्मेलन को चलाने के लिए चार सदस्यीय टेक्निकल टीम गठित किया गया था, जिसमें बीरबहादुर पासवान, संध्या पाल, सर्वेश कुमार पाण्डेय, शिवजी राम शामिल रहे.
सम्मेलन में 37 सदस्यीय जिला कमिटी का चुनाव किया जिसमें मनोहर जी, नवीन कुमार, अजीत कुशवाहा, अलख नारायण चौधरी, सुशीला जी, जगनारायण शर्मा, विसर्जन पासवान, धर्मेन्द्र सिंह यादव, ललन राम, कन्हैया पासवान, संजय शर्मा, वीरेन्द्र सिंह, सत्यनारायण, भदेसर साह, ललन प्रसाद, रेखा देवी, हरेंद्र राम, रामदेव सिंह, नारायण दास, वीर बहादुर पासवान, संध्या पाल, महफूज, अनूप शर्मा, धनजी पासवान, शैल देवी, वीरेंद्र यादव, शिवजी राम, आनंद राम, जितेन्द्र राम, राजदेव सिंह, गीता देवी, ओम प्रकाश, हरिद्वार राम, विनोद रजक, सुकर राम, कृष्णा राम, कुश भगवान शामिल रहे.जिला कमिटी ने पुनः कॉम नवीन कुमार को सर्वसम्मति से जिला सचिव चुना.






