कंबोडिया की जेल में फंसे भारतीय मजदूर, परिजनों ने विदेश मंत्रालय से न्याय की लगाई गुहार


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- जिले के कोरान सराय थाना क्षेत्र के कोरान सराय गांव निवासी अखिलेश कुमार सिंह ने अपने भाई एवं उनके साथ गए तीन अन्य नागरिकों के न्याय के लिए इन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय के पास न्याय की गुहार लगाई है. इन्होंने दिया आवेदन में बताया है कि कोरान सराय निवासी गोविंद सिंह पिता सुखदेव सिंह एवं नवानगर थाना क्षेत्र के कड़सर गांव निवासी विनोद कुमार चौधरी पिता कृष्णानंद चौधरी, भोजपुर जिला के अगियाँव थाना क्षेत्र के खननीकला गांव निवासी मनीष कुमार राम पिता रविंद्र राम, भोजपुर जिला के तियर थाना क्षेत्र के अरेला गांव निवासी अमरजीत कुमार पिता हृदयानंद राम सभी चारों व्यक्ति एक साथ विगत तीन जनवरी 2026 को कंबोडिया में किसी जलसाज के माध्यम से काम करने के लिए पहुंच गए.
जिन्हें एक होटल में काम भी मिला था.उनके पास सभी कागजात मौजूद थे. भारतीय व्यवस्था के अनुसार सभी कागजात भी सही है.बावजूद इन्हें किसी दलाल के द्वारा वहां किसी मामले में धोखाधड़ी कर इन्हे जेल भेज दिया गया है. जो पिछले कई महीनो से इन्हें परिजनों से भी बात नहीं हो रही है. जब भी परिजन संबंधित व्यक्ति से बात करते हैं तो उनके द्वारा रकम की मांग की जा रही है. 2 मार्च को आए फोन के बाद जानकारी दी गई कि हमसे स्थानीय शासन के द्वारा $2000 डॉलर की मांग की जा रही है. छह मार्च को भेंजे संदेश में इनसे भारतीय रूपये पांच लाख रूपये व्यक्ति के हिसाब से मांग की जा रही है. ऐसे में परिवार के सदस्य काफी परेशान है और यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर इतनी रकम क्यों मांग की जा रही है. जो व्यक्ति परिवार की माली हालत सुधारने के लिए महज कुछ महीने पूर्व 3 जनवरी को ही कंबोडिया गया.
जिन्हें आज तक कोई सफलता नहीं मिली लेकिन परिवार पर दुखों का पहाड़ जरूर टूट गया है.इन भारतीयों के रिहाई के लिए परिजन विगत एक महीने से दर-दर भटक रहे हैं. इसके लिए परिजनों ने बक्सर सांसद सुधाकर सिंह से भी मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी. जिस पर इन्होंने पहल करते हुए विदेश मंत्रालय भारत सरकार को इन्होंने लिखित तौर पर अवगत कराते हुए सभी साक्ष्य के साथ यह जानकारी दिया था कि उनके परिजन जालसाजी एवं मानव तस्करी करने वाले ग्रहों के चंगुल में फंस चुके हैं.जिन्हें जालसाजों के माध्यम से वहां के अपराधिक गिरोह को बेच दिया गया है.उन्हें पर्याप्त भोजन तक नहीं दिया जा रहा है. जिन पर मानसिक एवं शारीरिक दबाव बनाए रखने की आशंका है तथा उन्हें किसी आपराधिक फ्रॉड या गिरोह द्वारा अपने अवैध कार्यों में जबरन इस्तेमाल किए जाने की संभावना व्यक्त की गई है.
परिवार के सभी सदस्य चिंताजनक स्थिति में है. सब उनके जीवन एवं सुरक्षा के लिए खतरे का संकेत बता रहे हैं.इसके बावजूद भी अब तक इस पर विदेश मंत्रालय के द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है. जिसको लेकर परिवार के सदस्य काफी चिंतित है. एक बार फिर इन लोगों ने सभी स्थानीय विधायक एवं प्रशासनिक अधिकारियों के पास जाकर न्याय की गुहार लगाया है.






