आद्र भूमि का संरक्षरण कर भविष्य के पीढ़ियों को करें सुरक्षित : डीएम


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- जिले के गोकुल जलाशय के पास दल्लूपुर घाट पर जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम किया गया.भोजपुर वन प्रमंडल आरा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आद्र भूमियों के संरक्षण, जैव विविधता के महत्व तथा जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों के प्रति आमजन को जागरूक करना था.इस अवसर पर आद्र भूमियों की भूमिका, भू-जल संरक्षण, प्रवासी पक्षियों का संरक्षण एवं सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई.जिलाधिकारी साहिला ने कहा कि आद्रभूमियाँ प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं.
इनके संरक्षण से न केवल पर्यावरण संतुलन बना रहता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन का आधार भी सुनिश्चित होता है.समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसके संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए.
वन प्रमंडल पदाधिकारी आरा ने कहा कि,“आद्र भूमियों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. विद्यार्थियों की भागीदारी से यह संदेश समाज में और अधिक प्रभावी रूप से पहुँचेगा. वन विभाग द्वारा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे.विभिन्न विद्यालयों के कुल 131 छात्र-छात्राओं ने पेंटिंग एवं निबंध प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया.प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कृत किया गया.
जिससे बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति और अधिक उत्साह देखा गया.कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा आसपास के ग्रामीणों एवं नागरिकों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया.जिससे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला.इस अवसर पर वन प्रमंडल पदाधिकारी भोजपुर वन प्रमंडल प्रद्युम्न गौरव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. उनके साथ वन विभाग के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, पर्यावरण प्रेमी एवं छात्र-छात्राएँ भी कार्यक्रम में शामिल हुए.कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने आद्रभूमि संरक्षण, जल स्रोतों को प्रदूषण से मुक्त रखने तथा प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास करने का संकल्प लिया.






