राजपुर प्रखंड में बहुमत का खेल शुरू, प्रमुख की कुर्सी की उल्टी गिनती जारी


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- राजपुर प्रखंड की सरकार पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. प्रखंड प्रमुख और उप-प्रमुख के खिलाफ पंचायत समिति सदस्यों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव ने क्षेत्र की राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा दिया है. वर्तमान नेतृत्व के खिलाफ असंतोष की यह लहर अब एक निर्णायक मोड़ ले चुकी है, जिससे “सरकार” गिरने की संभावना प्रबल हो गई है. सोमवार को प्रखंड प्रमुख मंजू देवी एवं उप प्रमुख मजीदन खातून के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बीडीओ को सौंप दिया गया है.
इससे संबंधित आवेदन पंचायत समिति सदस्यों द्वारा बीडीओ सिद्धार्थ कुमार को सौंपा गया.रसेन पंचायत की बीडीसी राधिका देवी के नेतृत्व में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 26 पंचायत समिति सदस्यों में से 14 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं.वहीं उप प्रमुख के लिए बन्नी पंचायत की बीडीसी टू मानती देवी ने बीडीओ के समक्ष पंचायत समिति सदस्यों ने उपस्थित होकर आवेदन को सौंपा.प्रखंड प्रमुख एवं उप प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने के साथ ही राजनीतिक गलियारे में सरगर्मी बढ़ गई है. दोनों के खिलाफ जो अविश्वास का प्रस्ताव लाया गया है. उन पर कई आरोप लगाए गए हैं.जिसमें कार्य में शिथिलता, समिति के गठन में अनियमितता, समिति के सदस्यों की बातों पर ध्यान नहीं देना, क्रियान्वित योजनाओं में समान रूप से भागीदारी नहीं दिया जाना है.
सभी सदस्यों के द्वारा लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराने के बावजूद बात को अनसुना कर दिया जाना, क्रियान्वित योजनाओं के समय भुगतान नहीं किया जाना एवं समय पर कभी भी बैठक नहीं बुलाया जाना यह सभी आरोप लगाए गए हैं. ऐसे में अब इन पर कोई विश्वास नहीं है.विरोधी पक्ष का कहना है कि प्रखंड प्रमुख पंचायत समिति सदस्यों का विश्वास खो चुकी हैं एवं यह अल्पमत में है.
ऐसी स्थिति में उन्हें बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत प्रमुख के पद पर रहने का कोई अधिकार प्राप्त नहीं है. जिसको लेकर विरोधी सदस्यों ने पंचायत समिति की एक विशेष बैठक शीघ्र बुलाने की मांग की है ताकि अविश्वास प्रस्ताव पर मत विभाजन हो सके.
बीडीओ ने कहा कि अविश्वास के लिए आवेदन देकर गुहार लगायी गयी है.जिसे पत्र के माध्यम से प्रमुख को सूचित कर दिया गया है .प्रमुख आठ दिनों में बैठक आहूत करेंगे.पुनः कानूनी रूप से आगे की कार्रवाई की जाएगी.
प्रस्ताव पास होने के लिए जरूरी संख्या प्रस्ताव को पारित करने और प्रमुख को पद से हटाने के लिए दो-तिहाई (2/3) बहुमत की आवश्यकता होती है.प्रमुख को हटाने के लिए कम से कम 18 सदस्यों का समर्थन (वोट) अनिवार्य है.अन्यथा कोरम के अभाव में अविश्वास गिर जाएगा. ऐसे में प्रखंड प्रमुख एवं उप प्रमुख की कुर्सी बरकरार रह सकता है.
इस मौके पर राधिका देवी, मानती देवी, उपेंद्र कुमार पांडेय,झब्बू पासवान,अनिल कुमार वर्मा, सुशीला देवी, मुन्ना कुमार, धनवरती देवी, मन प्यारी देवी,बिंदु देवी, फुल कुमारी देवी, अंजली देवी, माया देवी, कश्मीरा देवी मौजूद रही.






