पुल निर्माण नहीं होने पर ग्रामीणों ने जताया विरोध


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- राजपुर प्रखंड के नागपुर पंचायत के मानी डेरा गांव के समीप धर्मावती नदी के सहायक नदी पर बना पुल का काम बंद पड़ गया है. सोमवार की सुबह अचानक कार्य एजेंसी के कर्मी जब निर्माण सामग्री लेने के लिए पहुंचे तो ग्रामीणों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर एजेंसी के खिलाफ विरोध जताया. गांव के ग्रामीणों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024- 25 में तत्कालीन विधायक विश्वनाथ राम से इस नाले पर पुल बनाने की मांग की गई थी. नागपुर से होकर खीरी तक गुजरने वाले इस पथ के बीच खरीका मानी डेरा गांव के समीप इस नाले के पानी का तेज बहाव होने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह से बंद रहता है .
गर्मी के दिनों में लोग इस रास्ते से आवा गमन करते है. अन्य मौसम में पानी का बहाव होने से गाड़ियों का आवागमन भी बंद रहता है. इस क्षेत्र के नागपुर, खीरी, सोनी, गैधरा,खरीका के अलावा अन्य गांव के लोगों को लगभग आठ से 10 किलोमीटर दूर दूसरे रास्ते से होकर रोहतास एवं अन्य जगहों पर आवागमन होता है. जिसको लेकर ग्रामीणों ने विधायक से नाले पर पुल निर्माण की मांग उठाई थी.
जिस पर विधायक ने सदन में ग्रामीणों की बात को उठाया था.जिस पर सरकार ने पहल करते हुए मुख्यमंत्री सेतु निर्माण योजना से पुल बनाने की योजना बनाई थी. योजना की स्वीकृति मिलने के बाद कार्य एजेंसी द्वारा विगत पांच माह पूर्व नाले के पास निर्माण के लिए लोहे का छड़, गिट्टी एवं कई आवश्यक सामग्री गिराया गया था.काम की शुरुआत करने की पहल शुरू की गई थी.
लेकिन पुनः नई सरकार बनने के बाद यह काम बंद हो गया. ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पुल का निर्माण हो जाएगा. अचानक कार्य एजेंसी के द्वारा सामान ले जाने से काफी नाराजगी देखा गया. पूर्व मुखिया लाल साहब सिंह ने कहा कि कार्य एजेंसी के द्वारा मनमानी किया जा रहा है. ऐसा नहीं होना चाहिए. यह नदी ईटवा से होकर नागपुर के पास धर्मावती नदी में मिलती है,जो बरसात के दिन में काफी भयावह हो जाती है.वहीं गांव के ग्रामीण मिथिलेश उर्फ गंगा सिंह, उदल सिंह,पृथ्वी सिंह, डोमन सिंह,नारायण सिंह,छोटू सिंह, पिंटू यादव, विशाल यादव, अरबिंद सिंह, दिलीप यादव, टिंकू यादव, रामजतन यादव सहित अन्य लोगों ने विरोध जताते हुए कहा कि अगर यहां पुल का निर्माण नहीं हुआ तो आगे और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.






