बेटियाँ केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की ताकत हैं : डीएम


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- जिला समाहरणालय सभा कक्ष में महिला एवं बाल विकास निगम एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया.जिसका उदघाटन जिलाधिकारी साहिला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.डीडीसी निहारिका छवि ने बालिकाओ के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, शिक्षा एवं स्वास्थ को बढ़ावा देना, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने एवं अपने आवाज को उचित जगह पर उठाने पर जोर दिया गया.जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस ने बालिकाओं के शिक्षा पर बल देते हुए उन्हें पढ़ने हेतु प्रोत्साहित किया.
साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर के बारे में जानकारी दी गई.डालसा कि अधिवक्ता द्वारा बालिकाओं से सम्बंधित अधिकार एवं कानून पर विस्तृत चर्चा किया गया.साइबर थाना की महिला पुलिस पदाधिकारी द्वारा बालिका और साइबर क्राइम के संबंध में जानकारी दी गई एवं सोशल मीडिया के नियंत्रित उपयोग पर जानकारी दी गई.महिला चिकित्सिका द्वारा बालिकाओं को संतुलित आहार और एनीमिया के बारे में जानकारी दी गई.
जिलाधिकारी साहिला ने संदेश दिया गया कि बेटियाँ केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की ताकत हैं. साथ ही बताया गया की सरकार द्वारा कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम हेतु बनाए गए कानूनों का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है. पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित जांच, निगरानी एवं जन-जागरूकता अभियानों के परिणामस्वरूप इस सामाजिक कुप्रथा पर प्रभावी नियंत्रण देखने को मिल रहा है.इन्होंने कहा की राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं के सर्वांगीण विकास हेतु संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर काफी मददगार सिद्ध हो रही हैं.
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना, मिशन शक्ति सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को सशक्त आधार मिला है.
इन योजनाओं के परिणामस्वरूप समाज में बालिकाओं के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन आया है तथा महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.उन्होंने किसी भी समस्या के निराकरण हेतु महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क करने की अपील की. बालिकाओं के साथ संवाद स्थापित किया गया.
जिसमें बालिकाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं भविष्य से जुड़े विषयों पर खुलकर अपने विचार, अनुभव एवं अपेक्षाएं साझा की.बालिकाओं की बातों को गंभीरता से सुना तथा उनके सर्वांगीण विकास हेतु हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.उनके द्वारा आमजन से अपील किया कि वे बालिकाओं के सम्मान, संरक्षण एवं सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के प्रयासों में सहभागी बनें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना संबंधित विभाग को अवश्य दें.
शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित भाषण, क्विज एवं पेंटिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया गया.खेल के क्षेत्र में बेटियों की बढ़ती भागीदारी और सफलता को रेखांकित करते हुए जिला से राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की प्रतियोगताओ में भाग लेने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया गया.
कला एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत कला के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली प्रतिभावान बालिकाओं को भी शील्ड एवं मेडल से सम्मानित किया गया. यह सम्मान न केवल उनकी उपलब्धियों का सम्मान था, बल्कि समाज को यह संदेश भी था कि हर क्षेत्र में बेटियाँ आगे बढ़ रही हैं.कार्यक्रम में जिला जन संपर्क पदाधिकारी बक्सर, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस बक्सर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान बक्सर, सहायक निदेशक सामाजिक दिव्यांगजन कोषांग बक्सर, कारा अधीक्षक बक्सर, जिला परियोजना प्रबंधक, जिला मिशन समन्वय, केंद्र प्रशासक समेत महिला एवं बाल विकास निगम के सभी कर्मी उपस्थित थे.







