राजपुर में आशा कर्मियों ने काम का किया बहिष्कार, बकाया मानदेय के लिए उठाई आवाज

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- राजपुर प्रखंड के सीएचसी परिसर में पहुंची आशा फैसिलेटर एवं आशा कर्मियों ने शुक्रवार की सुबह ओपीडी एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को बंद कर दिया.इन कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए कहा की विगत आठ महीने से किसी भी कर्मियों का मानदेय नहीं मिला है.जिसको लेकर इन लोगों ने विभाग के खिलाफ विरोध जताया.आशा फैसिलेटर पुष्पा कुमारी, संगीता कुमारी, रमावती कुमारी, आशा कर्मी धनजीरा देवी, आशा देवी, सुशीला देवी, बिंदु देवी, मीरा देवी, गीता देवी, रूबी देवी, रीता देवी, चंद्रावती देवी, रोजी खातून ने बताया कि अगस्त 2025 से फरवरी 2026 तक का मानदेय नहीं मिला है.
इस समस्या को लेकर कई बार विभाग को अवगत कराया गया. फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ.सरकार के तरफ से संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने में काफ़ी सहयोग करते है.कर्मियों ने बताया कि सबसे बड़ी दुखद बात है कि इन बीते दिनों में होली एवं कई महत्वपूर्ण जैसे पर्व में भी लोगों को निराशा हाथ लगी थी. लोगों ने बताया कि जब भी मानदेय संबंधी बात की जाती है तो आश्वासन दिया जाता है.इसी भरोसे कई कर्मी दूसरे से कर्ज लेकर अपना घर चलाते हैं.
इन लोगों ने बताया कि अब घर का खर्च चलाना भी काफी मुश्किल हो गया है. अगर उन्हें वेतन नहीं मिलता है तो काम छोड़कर हड़ताल पर चले जाएंगे. जिसको लेकर आशा कर्मियों ने चिकित्सा प्रभारी को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा. इन्होंने आगाह किया की अगर भुगतान नहीं हुआ तो अनिश्चितकाल धरना प्रदर्शन होगा. इस दौरान लगभग एक घंटे तक ओपीडी सेवा भी पूरी तरह से बाधित रहा.
क्या बोले अधिकारी
आशा कर्मियो का आईडी तकनिकी कारण से बंद था. जिसको लेकर वरीय पदाधिकारी की सूचना के बाद तकनीकी समस्या दूर कर ली गई है. आगामी दो दिनों के अंदर सभी का भुगतान कर दिया जाएगा. सभी कर्मियों को काम पर वापस लौटने की सूचना दी गई है. सभी ने सहमति जाहिर की है. – डॉक्टर अशोक कुमार, चिकित्सा प्रभारी राजपुर


