भाक़पा माले ने निकाला आक्रोश मार्च,बीडीओ को सौंपा छह सूत्री मांग

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- राजपुर प्रखंड मुख्यालय राजपुर परिसर में भाक़पा माले के बैनर तले किसान मजदूरों ने विभिन्न मांगों को लेकर आक्रोश मार्च निकाला. जिसका नेतृत्व प्रखंड सचिव वीरेंद्र सिंह ने किया.यह मार्च राजपुर बाजार से होकर प्रखंड मुख्यालय परिसर तक पहुंचा जहां एक नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गई. इस दौरान लोगों ने सरकार के विरुद्ध जमकर नारा लगाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई. वक्ताओं ने कहा कि बिहार में सरकार बुलडोजर अभियान चलाकर गरीबों के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन कर रही है.
मनरेगा जैसी योजना का नाम बदलकर मजदूरों के हक एवं अधिकार को दफन करने की बात की जा रही है,यह न्याय संगत नहीं है.अतिक्रमण हटाने के नाम पर दलित गरीबों की बस्तियां मिटाने का खेल सरकार खेल रही है. गरीबों का वोट लेकर सरकार गरीबों के साथ विश्वासघात कर रही है.कोर्ट में गरीबों का पक्ष सुने बिना एक तरफा फैसला सुनाया जा रहा है.कम मजदूरी और मजदूरी भुगतान में विलंब के चलते मनरेगा कमजोर हुआ था लेकिन इस केंद्रीय प्रश्न को हल करने के बदले उस कानून की ही हत्या कर दी गई.

जिसने कोरोना कल में बड़ा संबल दिया था. मनरेगा के सारे अधिकारों को समाप्त कर चार लेबर कोर्ट में समाहित कर दिया गया है.छह सूत्री मांग पत्र में गरीबों की बस्ती उजाड़ने पर रोक लगाने,बसावटों के अनुरूप चिन्हित कर उन्हें आवासीय भूमि देने, पीएम आवास योजना की राशि 5 लाख तक करने,ग्रामीण गरीबों के रोजगार गारंटी कानून मनरेगा की पुर्नबहाली करने,जल जंगल और जमीन पर आदिवासियों एवं वनवासियों के अधिकार की गारंटी देने को लेकर मांग पत्र बीडीओ सिद्धार्थ कुमार को सौंपा. इस मौके पर खेमस के पूर्व सचिव आनंद प्रकाश राम, दिनेश कुमार राम,दरोगाराम, संतोष शर्मा, रामायण शर्मा, इंद्रावती कुमारी के अलावा सैकड़ो की तादाद में लोगों ने लाल झंडा लेकर प्रतिरोध मार्च किया.






