भाकपा माले ने की बैठक, जिला सम्मेलन की तैयारी पर हुई चर्चा


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- नगर के चीनी मिल में भाकपा माले की विशेष बैठक की गयी. जिसमें भाकपा–माले का 11वां जिला सम्मेलन आगामी 30 से 31 मार्च 2026 को बक्सर में आयोजित करने पर चर्चा की गयी.इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में पार्टी के राज्य सचिव कॉमरेड कुणाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.सम्मेलन की तैयारी को लेकर जिले भर के प्रखंड सचिवों की अहम बैठक की गयी.जिसमें कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक रूपरेखा तय की गई.
बैठक में निर्णय लिया गया कि 23 मार्च से 31 मार्च तक देशव्यापी आह्वान “युद्ध-विरोधी और साम्राज्यवाद-विरोधी अभियान सप्ताह” के तहत 30 मार्च को बक्सर स्टेशन से एक प्रतिरोध मार्च निकाला जाएगा.इस मार्च के माध्यम से युद्ध के बढ़ते खतरों, साम्राज्यवादी हस्तक्षेप और शांति, न्याय एवं जनतंत्र के सवालों को आम जनता के बीच प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा.
भाकपा–माले के जिला सचिव कॉमरेड नवीन ने कहा कि यह अभियान भगत सिंह के शहादत दिवस (23 मार्च) से लेकर का. चंदू के शहादत दिवस (31 मार्च) तक चलाया जा रहा है.यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम और जनसंघर्षों की गौरवशाली परंपरा की याद दिलाती है तथा वर्तमान दौर में संघर्ष की जरूरत को रेखांकित करती है.भाकपा–माले ने देश की सभी लोकतांत्रिक, प्रगतिशील एवं शांति-प्रिय ताकतों से अपील की है कि वे इस अभियान सप्ताह में सक्रिय भागीदारी करें और युद्ध तथा साम्राज्यवादी दखल के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं.
इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि अमेरिका–इजरायल द्वारा ईरान पर किया जा रहा हमला निंदनीय है.यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और साम्राज्यवादी आक्रामकता का स्पष्ट उदाहरण है.उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रकार की सैन्य कार्रवाइयों से पूरा पश्चिम एशिया युद्ध की आग में झोंकने का खतरा पैदा हो गया है, जिसका असर वैश्विक शांति और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.
उन्होंने आगे कहा कि यह संघर्ष केवल किसी एक देश का नहीं, बल्कि पूरी मानवता के भविष्य से जुड़ा हुआ प्रश्न है. तेल और प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण की होड़ इस युद्ध को और अधिक जटिल एवं खतरनाक बना रही है.
नेताओं ने कहा कि आज आवश्यकता है कि शहीदों की विरासत से प्रेरणा लेते हुए हम युद्ध, हिंसा और साम्राज्यवाद के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन खड़ा करें तथा दुनिया में शांति, न्याय और संप्रभुता की रक्षा के लिए संगठित होकर आगे बढ़ें.बैठक में ओम प्रकाश, जगनरायण शर्मा, विरेन्द्र यादव, लंदन प्रसाद, हरेंद्र राम, विसजर्न राम, धर्मेन्द्र सिंह शामिल रहे.






