बक्सर में अंबेडकर छात्रावास के बच्चों का फूटा गुस्सा, डीडीसी के नेतृत्व में बनी जांच कमेटी
जिला कल्याण पदाधिकारी से मांगा गया स्पष्टीकरण

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- जिले के डुमरांव अनुमंडल के रामपुर राजकीय डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं के घोर अभाव से तंग आकर मासूम बच्चों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा.छात्र अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए आंदोलन करने को मजबूर हो गए. तीसरी से दसवीं कक्षा तक के सैकड़ों छात्र छात्रावास से निकलकर करीब 40 किलोमीटर पैदल चल कर जिला मुख्यालय बक्सर पहुंचे और अंबेडकर चौक को पूरी तरह जाम कर दिया.
प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्थानीय प्रशासन और छात्रावास प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.छात्रों का आरोप है कि पिछले सात दिनों से छात्रावास में बिजली और पीने के पानी की गंभीर किल्लत है.प्रतिदिन मिलने वाला भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है. खाने में अक्सर कीड़े मिलते हैं. बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई.इसी दौरान आंदोलन में शामिल 9 वर्षीय छात्र सूरज कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई.
उसे तुरंत स्थानीय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे ऑक्सीजन पर रखा गया है.मामला सामने आने के बाद बक्सर जिला प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है.जिला कल्याण पदाधिकारी , डुमरांव के अनुमंडल अधिकारी , अपर समाहर्त्ता और स्थानीय थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से संवाद स्थापित किया.
जिला अधिकारी के निर्देश पर उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है. यह समिति विभाग द्वारा संचालित जिले के सभी छात्रावासों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, भोजन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी और सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी.
जिला कल्याण पदाधिकारी से शो-कॉज
मामले में लापरवाही और अव्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिला कल्याण पदाधिकारी से स्पष्टीकरण की मांग की है. प्रशासन के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से विद्यालय में विद्युत आपूर्ति बाधित थी, जिसकी जगह जनरेटर के माध्यम से भोजन, पानी व अन्य व्यवस्थाएं संचालित की जा रही थीं. छात्रों के बक्सर पहुंचने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थिति की समीक्षा की गई.
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन और आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है.



