जमीन विवाद में खूनी खेल: कुकुढ़ा सरपंच की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या, दोनों बेटे गंभीर रूप से घायल
आक्रोशित ग्रामीणों ने 3 घंटे तक मुख्य मार्ग किया जाम

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र के कुकुढ़ा पंचायत अंतर्गत चिलबिला गांव में जमीन के पुराने विवाद ने बेहद खूनी रूप ले लिया. धान की रोपनी के दौरान शुरू हुए विवाद में कुकुढ़ा पंचायत के सरपंच 55 वर्षीय सुभाष सिंह यादव की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर कथित रूप से हत्या कर दी गई.इस जानलेवा हमले में सरपंच के दो बेटे अखिलेश सिंह (26 वर्ष) और विंटेस सिंह (23 वर्ष) भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.

आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों नेबक्सर-चौसा मुख्य मार्ग को करीब 4 घंटे तक जाम रखकर जमकर बवाल काटा.जानकारी के अनुसार, चिलबिला गांव स्थित करीब डेढ़ बीघा जमीन को लेकर सरपंच सुभाष सिंह और उनके पट्टीदारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. गुरुवार सुबह करीब 9 बजे सुभाष सिंह ट्रैक्टर लेकर अपने खेत में धान की रोपनी कराने पहुंचे थे. इसी दौरान गांव के ही तेज बहादुर सिंह पिता रामबचन सिंह, विनोद सिंह पिता भोला सिंह तथा अन्य लोगों से उनकी कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई.
मृतक के परिजनों का आरोप है कि तेज बहादुर सिंह और विनोद सिंह समेत 15 से 20 लोगों ने लाठी-डंडों से लैस होकर सरपंच पर जानलेवा हमला बोल दिया. पिता को पिटता देख जब उनके दोनों पुत्र अखिलेश और विंटेस उन्हें बचाने दौड़े, तो हमलावरों ने उन्हें भी बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया.
घटना की सूचना मिलते ही इटाढ़ी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल, बक्सर भेजा. जहां चिकित्सकों ने सरपंच सुभाष सिंह की गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू किया, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया.सरपंच की मौत की खबर फैलते ही दोपहर करीब 3 बजे परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा.
आक्रोशित लोगों ने सदर अस्पताल के मुख्य गेट के सामने शव को रखकर बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी व पीड़ित परिवार को न्याय देने की मांग की.
सड़क जाम होने के कारण दोपहर 3 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक बक्सर-चौसा पथ पर यातायात पूरी तरह ठप रहा. सड़क के दोनों ओर लगभग दो किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई.मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ अविनाश कुमार और एसडीपीओ गौरव पाण्डेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को ढाढस बंधाया और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई व तत्काल गिरफ्तारी का भरोसा दिया.अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद शाम 6 बजे जाम को हटाया जा सका और आवागमन बहाल हुआ.






