बक्सर में वेजफेड एवं कम्फेड की योजनाओं को गति देने का निर्देश, जीविका दीदियों और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- जिला समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में वेजफेड (सब्जी प्रसंस्करण) एवं कम्फेड (दुग्ध विकास) से संबंधित विकास कार्यो की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक के दौरान डीएम ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों एवं महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए कई आवश्यक निर्देश जारी किए.बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के सभी 11 प्रखंडों में ‘प्राथमिक वेजफेड सहकारी समिति’ का गठन पूरा कर लिया गया है. वर्तमान में 4 प्रखंडों में आधारभूत संरचना का निर्माण कार्य जारी है, जबकि शेष 7 प्रखंडों में भूमि की अनुपलब्धता के कारण निर्माण लंबित है.
इस पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को संबंधित अंचलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्याज भंडारण और तरकारी आउटलेट हेतु जल्द से जल्द भूमि उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया.कम्फेड की समीक्षा के दौरान बताया गया कि शाहाबाद दुग्ध संघ के अंतर्गत बक्सर के 1,143 गांवों में से 958 गांवों में दुग्ध समितियों का गठन हो चुका है. शेष 185 गांवों में ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत प्रक्रिया जारी है. वर्तमान में जिले में दैनिक आधार पर 54,313 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है.
डीएम ने दुग्ध समितियों का विस्तार करने और पशुपालकों की भागीदारी बढ़ाकर दूध संग्रहण को अधिक से अधिक बढ़ाने का निर्देश दिया.ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर बल देते हुए जिलाधिकारी ने दुग्ध समितियों में जीविका दीदियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा. इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को बकरी पालन से जोड़कर उनकी आजीविका में सुधार लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए.
कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए डीएम ने इच्छुक व प्रगतिशील किसानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जो पशु आहार, दलिया एवं टीएमआर तैयार करने के कार्य में रुचि रखते हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जमीनी स्तर पर किसानों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करें ताकि वे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सके.







