गोकुल जलाशय के संरक्षण एवं प्रबंधन पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजित



नेशनल आवाज़ /बक्सर :- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत भोजपुर वन प्रमंडल आरा द्वारा गोकुल जलाशय के समेकित प्रबंधन और इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया है. जिसमें ‘वेटलैंड्स इंटरनेशनल साउथ एशिया’ (WISA) तकनीकी सहयोगी के रूप में अपनी सहभागिता निभा रही है.कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त निहारिका छवि, वन प्रमंडल पदाधिकारी भोजपुर वन प्रमंडल प्रद्युम्न गौरव, अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह तथा वीसा के आर्द्रभूमि विशेषज्ञ रवि प्रकाश और सरोज कुमार बारीक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने कहा कि गोकुल जलाशय का संरक्षण सिर्फ एक विभाग की नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है. इसके प्रभावी प्रबंधन के लिए आपसी समन्वय बेहद जरूरी है.वन प्रमंडल पदाधिकारी ने गोकुल जलाशय को एक महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र बताते हुए कहा कि तैयार समेकित प्रबंधन योजना के माध्यम से इसकी जैव विविधता, जलीय पारिस्थितिकी और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा.
उन्होंने सभी से इसके संरक्षण में सक्रिय सहयोग की अपील की.अपर समाहर्ता ने कहा कि जलाशय के विकास के लिए इसके प्राकृतिक स्वरूप और पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है.
कार्यशाला के पहले दिन वीसा के आर्द्रभूमि विशेषज्ञ रवि प्रकाश ने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ गोकुल जलाशय की समेकित प्रबंधन योजना पर गहन विचार-विमर्श किया. इस दौरान योजना में प्रस्तावित संरक्षण गतिविधियों, उनकी प्राथमिकताओं, चरणबद्ध क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई तथा प्रतिभागियों से बहुमूल्य सुझाव भी प्राप्त किए गए.इस कार्यशाला में गोकुल जलाशय के आसपास की पंचायतों के मुखियागण, विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी, गैर-सरकारी संगठनों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.






