छात्रा से दुष्कर्म मामले में दो शिक्षक सरकारी सेवा से बर्खास्त, भविष्य में भी सरकारी नौकरी पर प्रतिबंध
नेशनल आवाज़ /बक्सर :- जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के नथुनी अहीर के डेरा मध्य विद्यालय में छात्रा से दुष्कर्म के गंभीर मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण ने विभागीय जांच के बाद आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार और वीरेंद्र पाल की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया.इसके साथ ही नियम-14 (XI) के तहत दोनों शिक्षकों के भविष्य में किसी भी प्रकार की सरकारी नौकरी करने पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया है.विदित हो की यह मामला बीते 29 अगस्त को उस समय प्रकाश में आया जब ग्रामीणों ने अचानक विद्यालय पहुंचकर दोनों शिक्षकों के मोबाइल फोन की जांच की.
मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो मिलने के बाद यह मामला तूल पकड़ने लगा और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा.घटना की जानकारी मिलने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी ने डुमरांव बीईओ को सूचना दी. बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने 2 सितंबर को दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था. वायरल वीडियो के आधार पर 3 सितंबर को एक पीड़िता छात्रा की मां ने कृष्णाब्रह्म थाने में दोनों शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई.
प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया कि प्रधानाध्यापक को घटना की पूरी जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसे छिपाने का प्रयास किया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दोनों शिक्षकों समेत घटना छिपाने के आरोपी प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. जांच के दौरान पुलिस ने पटना के चार होटल के कमरों को भी सील किया है. निलंबन के बाद शिक्षा विभाग द्वारा बर्खास्तगी की विभागीय प्रक्रिया शुरू की गई.
डीपीओ समग्र शिक्षा को संचालन पदाधिकारी तथा डीपीओ (माध्यमिक) सुरेश प्रसाद को स्थापना पदाधिकारी बनाया गया.जेल में बंद होने के कारण केंद्रीय कारा के जेलर के माध्यम से दोनों आरोपी शिक्षकों को आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया. दोनों ने जेल प्रशासन के जरिए अपना लिखित पक्ष विभाग को भेजा.विभागीय जांच अधिकारियों ने प्राप्त जवाबों और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की.जांच में दोनों शिक्षकों का लिखित जवाब असंतोषजनक पाया गया. रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने बर्खास्तगी का अंतिम आदेश जारी कर दिया, जिससे उनकी सरकारी सेवा समाप्त हो गई है. विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से लोगों में काफी चर्चा का विषय बन गया है.






