फल फूल एवं सब्जी प्रदर्शनी में किसानों ने लगाया स्टाल, डीडीसी ने कहा किसान खेती में करें नवाचार


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- नगर के बाजार समिति रोड स्थित संयुक्त कृषि भवन के प्रांगण में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण आत्मा द्वारा दो दिवसीय किसान मेला-सह-फल, फूल,सब्जी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया.जिसका उदघाटन जिला परिषद अध्यक्ष सरोज देवी एवं उप विकास आयुक्त निहारिका छवि द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया.

डीडीसी ने कहा कि बिहार कृषि प्रधान प्रदेश है. जलवायु परिवर्तन के दौर में आधुनिक कृषि उपकरण एवं आधुनिक तकनीक का समावेश कर खेती करने की जरुरत है ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके.उन्होंने खेती में नवाचार को बढ़ावा देने पर बल दिया. वर्तमान समय में नवीनतम तकनीक मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों की सटीक जानकारी उपलब्ध कराते हैं, जिससे किसान जरुरत के हिसाब से संसाधनों का उपयोग कर अपना जीवन एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं.जिप अध्यक्ष ने किसान मेला के माध्यम से किसानों को खेती-बाड़ी से जुड़े समस्याओं को वैज्ञानिकों के बीच साझा कर सलाह लेने की बात कही.

जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि किसान मेला सुदूर ग्रामीण स्तर तक के किसानों के बीच सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजनाओं को साझा करने का सशक्त मंच है.उन्होंने बताया कि किसान मेला में लगाये गये प्रत्येक स्टाॅल किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत है. मेला में किसानों का क्षमता संर्वद्धन भी होता है, जिससे खेतों में तकनीक का प्रयोग कर आर्थिक स्थित को सुदृढ़ कर सकते हैं.वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय डुमराॅंव के विशेषज्ञ एवं कृषि विज्ञान केन्द्र बक्सर के विशेषज्ञ ने रबी मौसम में उत्पादित फसलों एवं उनके प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी प्रदान की. किसान मेला में फल फूल एवं सब्जी प्रदर्शनी का स्टाल भी किसानों द्वारा लगाया गया. जिसमें जिले के सुदूर ग्राम स्तर तक के किसानों ने एक से बढ़कर एक उत्पादों के साथ प्रदर्शनी में भाग लिया.

प्रदर्शनी में किसानों द्वारा सोनाचूर चावल, काला नमक चावल, सफेद मूसली, ड्रैगन फ्रुट, मोटे अनाज, शहद, मोम, हल्दी, सुगर फ्री अमरुद, गेंदा फूल, गंधराज निंबू, बटन मशरुम, जैविक उत्पाद, प्याज, केला, लतर आलू, बैगन इत्यादि से सम्बंधित उत्कृष्ट प्रदर्श लाये गये थे. इन प्रदर्श के मुल्यांकन उपरांत मेला के दूसरे दिन प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया जायेगा. कृषि विज्ञान केन्द्र, आत्मा, पौधा संरक्षण, उद्यान, भूमि संरक्षण, मिट्टी जाॅंच प्रयोगशाला, कृषि यांत्रिकरण, नर्सरी मदन वाटिका, कुशवाहा पर्ल फार्म, डुमराॅंव फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, हिरावी ट्रेडर्स, खाना मखाना, कुल्हड़ दही सहित अनेक आकर्षक स्टाॅल लगाये गये थे, जो किसानों को नवाचार कार्यो के साथ अत्याधुनिक तकनीक का संदेश दे रहे थे.किसान मेला में प्राचार्य वीर कुॅंवर सिंह कृषि महाविद्यालय डुमराॅव, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र, जिला उद्यान पदाधिकारी बक्सर, उप निदेशक, कृषि अभियंत्रण, उप परियोजना निदेशक, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी बक्सर, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी डुमराॅंव, जनप्रतिनिधि के प्रतिनिधि सहित सभी सहायक निदेशक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, आत्माकर्मी, विभागीय कर्मी के साथ अनेक प्रगतिशील महिला एवं पुरुष कृषक मौजूद थे.





