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पीएम अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना से बक्सर के 46 गांवों का होगा कायाकल्प, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित ​

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- जिला समाहरणालय सभा कक्ष में डीएम साहिला की अध्यक्षता में केंद्र प्रायोजित ‘प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना’ के अंतर्गत ‘आदर्श ग्राम योजना’ को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और रूपरेखा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.

यह योजना भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा शत-प्रतिशत पोषित है. इसका मुख्य उद्देश्य चयनित गांवों का समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित करना है, साथ ही वहां आवश्यक आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना है.

​गांव चयन के कड़े मानक

​योजना के अंतर्गत उन्हीं गांवों का चयन किया गया है, जहां अनुसूचित जाति (SC) की जनसंख्या न्यूनतम 500 हो या फिर गांव की कुल आबादी में अनुसूचित जाति का हिस्सा कम से कम 40 प्रतिशत हो.इस मानक के आधार पर बक्सर जिले के कुल 46 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें सबसे अधिक राजपुर प्रखंड के 14 गांव शामिल हैं.

​प्रखंडवार चयनित गांवों की सूची में ​राजपुर के 14 गांव, इटाढ़ी 08 गांव, ​बक्सर 06 गांव, ​डुमराँव 05 गांव, ​चौसा 04 गांव,​नावनगर 03 गांव,​चौगाई 02 गांव,​ब्रह्मपुर 02 गांव, ​चक्की 01 गांव,​सिमरी 01 गांव

10 डोमेन और 50 इंडिकेटर्स पर होगा काम

​आदर्श ग्राम विकास योजना को धरातल पर उतारने के लिए 10 प्रमुख कार्यक्षेत्र (डोमेन) तय किए गए हैं. इनके तहत कुल 50 मॉनिटरेबल इंडिकेटर (मापने योग्य संकेतक) निर्धारित हैं.प्रमुख कार्यक्षेत्रों में  ​पेयजल एवं स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण,​सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़क, आवास, बिजली और स्वच्छ ईंधन, ​कृषि पद्धतियाँ, वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण, आजीविका और कौशल विकास. विकास कार्यों को मंजूरी के लिए सबसे पहले चयनित गांवों में सर्वे कर आंकड़ों को मोबाइल ऐप पर अपलोड किया जाएगा.इसके बाद ग्राम स्तर पर तैयार ‘ग्राम विकास योजना’ को ग्राम सभा से पास कराया जाएगा.

​ग्राम सभा से पास प्रस्ताव को जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली ‘जिला स्तरीय योजना मूल्यांकन एवं अभिसरण समिति’ मंजूरी देगी, जिसे क्रमशः राज्य और फिर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. केंद्र से राशि जारी होने के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों के मुखिया की अध्यक्षता वाली ‘ग्राम स्तरीय समिति’ के माध्यम से सीधे धरातल पर विकास कार्य कराए जाएंगे.​कार्यशाला के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा सभी जिला व प्रखंड स्तरीय अधिकारियों, प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों और विकास मित्रों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया. इस मौके पर उप विकास आयुक्त , अपर समाहर्ता सहित जिले के कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे.

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