Slide
जीवन में हजारों लड़ाइयां जीतने से अच्छा है कि तुम स्वयं पर विजय प्राप्त कर लो : गौतम बुद्ध
previous arrow
next arrow
crime

चौसा पावर प्लांट के तालाब में डूबने से मजदूर की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया मुख्य पथ जाम

2 जुलाई 2026

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- राजपुर थाना क्षेत्र के देवढ़िया गांव में उस वक्त मातमी सन्नाटा पसर गया, जब चौसा पावर प्लांट में मजदूरी करने गए एक 22 वर्षीय युवक की तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. मृतक की पहचान देवढ़िया गांव निवासी शिवशंकर सिंह के पुत्र शुभम कुमार के रूप में हुई है. शुभम पिछले एक साल से इस पावर प्लांट में बतौर मजदूर कार्यरत था.​परिजनों और सहकर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार, शुभम प्रत्येक दिन की तरह गुरुवार को भी पावर प्लांट की बस से बक्सर आवास से सुबह घर से टिफिन लेकर काम पर निकला था.उसकी ड्यूटी सुबह 7:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक थी. लेकिन सुबह 10:00 तक वह कार्य स्थल पर दिखाई नहीं दिया. उसकी अनुपस्थिति समझकर कंपनी में कार्यरत कर्मियों ने इसके घर पर फोन कर जानकारी दिया कि वह आज कंपनी में नहीं आया है. तब परिजनों को लगा कि वह कहीं दूसरे जगह चला गया.

जिसके लिए घर के लोगों ने रिश्तेदार एवं अन्य जगह पर फोन कर जानकारी लिया.लेकिन कहीं इसका पता नहीं चला तो चिंतित परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया. बार-बार फोन करने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो परिजनों को अनहोनी की शंका हुई. इसके बाद उन्होंने प्लांट में काम करने वाले अन्य मजदूरों से संपर्क किया. शुभम के लापता होने की खबर मिलते ही प्लांट में हड़कंप मच गया और मजदूरों ने तत्काल काम बंद कर उसकी खोजबीन शुरू कर दी.

गोताखोरों की मदद से निकाला गया शव

​काफी खोजबीन के बाद भी जब शुभम का कुछ पता नहीं चला, तो घटना की सूचना राजपुर पुलिस को दी गई.सूचना मिलते ही राजपुर थानाध्यक्ष निवास कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर पावर प्लांट के अंदर स्थित तालाब में सर्च ऑपरेशन शुरू करवाया.लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शुभम का शव पानी के ऊपर आ गया, जिसे बाहर निकाला गया.

​संयंत्र में काम करने वाले मजदूरों ने आशंका जताई है कि शुभम संभवतः तालाब से पानी का सैंपल लेने गया था. इसी दौरान पैर फिसलने के कारण वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया.चूंकि उस वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, इसलिए किसी को घटना की भनक तक नहीं लग सकी.

शुभम की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव देवढ़िया पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई.परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. जवान बेटे को खोने के गम में पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

मांगों को लेकर किया रोड जाम 

 घटना से आक्रोशित परिजनों और सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अभिमन्यु कुशवाहा के नेतृत्व में मुआवजे और प्लांट प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ चौसा-कोचस मुख्य पथ को पूरी तरह जाम कर दिया है. सड़क जाम होने के कारण गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और वाहनों को डायवर्ट कर दूसरे रास्तों से भेजा जा रहा है.

सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप

​प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पावर प्लांट के अंदर सुरक्षा मानकों का कतई ख्याल नहीं रखा जाता.शुभम को अकेले ही तालाब के पास पानी का सैंपल लाने के लिए भेज दिया गया.अगर उसके साथ कोई अन्य कर्मी या सुरक्षा गाइड होता, तो इतनी बड़ी दुर्घटना नहीं होती.यह सीधे तौर पर प्रबंधन की लापरवाही है. पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और प्लांट में काम करने वाले स्थानीय मजदूरों की सुरक्षा पुख्ता की जाए.साथ ही इनलोगों ने मांग किया की इसके एक भाई को नौकरी, बुढ़ि मां कों पेंशन एवं उचित राशि की मांग की है.इस मौके पर अमित कुमार, राज सिंह, पैक्स अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, मुखिया प्रतिनिधि संजय सिंह के अलावे अन्य लोग मौजूद रहे.समाचार लिखे जाने तक मुख्य पथ पर जाम जारी है और पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है.

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button