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भरत तिवारी मुठभेड़ मामले की हो उच्चस्तरीय जांच, आश्रित को मिले सरकारी नौकरी और मुआवजा : कांग्रेस

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत बिलौटी गांव के निवासी स्वर्गीय भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत का मामला अब गरमाने लगा है. इस घटना की उच्चस्तरीय जांच, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है. रविवार को कांग्रेस के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने बिलौटी गांव का दौरा कर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त की.

परिजनों से मिले दिग्गज नेता, न्याय का दिया भरोसा

​कांग्रेस के इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद व बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी और बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय समेत कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता शामिल थे.नेताओं ने पीड़ित परिवार से घटना की विस्तृत जानकारी ली और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव लोकतांत्रिक संघर्ष का आश्वासन दिया.

पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश से जांच कराने की मांग

​मुलाकात के बाद राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने इस पूरी घटना पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने मांग की कि लोकतंत्र में कानून का शासन सर्वोपरि है, इसलिए इस पूरे मामले की जांच पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में या किसी स्वतंत्र उच्चस्तरीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए.उन्होंने कहा अगर इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही, मनमानी या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो दोषी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए.

यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि मानवाधिकार का मामला’

​पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और मानवाधिकारों से जुड़ा बड़ा विषय है. परिजनों और स्थानीय लोगों के बयानों को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए. जब तक पीड़ित परिवार को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी.वहीं, डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि परिवार इस समय गहरे आर्थिक और मानसिक संकट में है, इसलिए सरकार को मानवीय आधार पर तुरंत कदम उठाने चाहिए.

सरकार के समक्ष कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें

​कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार से इस प्रकरण को लेकर निम्नलिखित मांगें की हैं.भरत तिवारी की मृत्यु के पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए.

जांच पूरी होने तक संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष समीक्षा हो. मृतक के आश्रितों को तत्काल 1 करोड़ रुपये का सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए.परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी मिले.पीड़ित परिवार को पूर्ण सुरक्षा और कानूनी सहायता मुहैया कराई जाए. जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.

​मुख्यमंत्री और DGP से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

​कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले को बिहार के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (DGP) के समक्ष मजबूती से उठाएंगे. प्रतिनिधिमंडल में बक्सर जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भोला ओझा, भोजपुर जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक राम, डॉ. शशि भूषण पांडेय और संतोष पांडेय सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे. नेताओं ने स्वर्गीय भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की.

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