बक्सर में गूंजी लोकतंत्र बचाने की आवाज: कांग्रेस के अति पिछड़ा और किसान प्रकोष्ठ ने भगत सिंह चौक पर किया प्रदर्शन


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- केंद्र सरकार की नीतियों, प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी व विपक्षी सांसदों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और छात्रों के ज्वलंत मुद्दों को लेकर बक्सर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा.बुधवार को जिला कांग्रेस अति पिछड़ा प्रकोष्ठ एवं जिला कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में शहर के ऐतिहासिक भगत सिंह चौक पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च का आयोजन किया गया.इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र, संविधान और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज़ बुलंद करना था.
कार्यक्रम का संयुक्त नेतृत्व अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विनोद कुशवाहा एवं किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष संजय पांडेय ने किया. मार्च की शुरुआत से पहले नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की. इसके बाद बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं, किसानों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया.
अहंकार और दमन की राजनीति कभी स्थायी नहीं रहती: डॉ. मनोज पांडेय
सभा को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य व जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा.उन्होंने कहा मैंने अपने लगभग 40 वर्षों के राजनीतिक जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव और सरकारों का दौर देखा है. इतिहास गवाह है कि अहंकार और दमन की राजनीति कभी स्थायी नहीं रहती.
सत्ता का दुरुपयोग करने वाली सरकारों का अंत अंततः जनता के फैसले से ही होता है.आज देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए अत्यंत चिंताजनक है.डॉ. पांडेय ने आगे कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों से ध्यान भटकाने के बजाय इनका समाधान खोजना चाहिए.
विपक्ष और असहमति का सम्मान ही लोकतंत्र की नींव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश कमेटी सदस्य डॉ. प्रमोद ओझा और अन्य मुख्य वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र संवाद, असहमति और संविधान की भावना से चलता है. दिल्ली में राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों के साथ हुआ व्यवहार लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है.वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े गंभीर सवालों पर जवाबदेही से भाग रही है.इस विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च में जिले के कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया.जिसमें भोला ओझा, संजय कुमार दुबे, महिमा उपाध्याय,रविंद्र राय, राकेश कुमार राय, ललन प्रसाद,यतींद्र गुप्ता, बिजेंदर गिरी, जय राम राम, वीरेंद्र राम, विनोद सिंह शामिल रहे.कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने की शपथ ली.






