बिहार सेंट्रल स्कूल में हिंदी दिवस पर चेतना शिविर आयोजित
मातृभाषा ही हमारी अस्मिता और उन्नति का आधार : सरोज सिंह

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- शहर के बाईपास रोड स्थित बिहार सेंट्रल स्कूल में हिंदी दिवस के अवसर पर ‘चेतना शिविर’ का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में कक्षा सातवीं से दसवीं तक के छात्र-छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया.शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के ऐतिहासिक महत्व, उसकी समृद्ध परंपरा और मातृभाषा के प्रति सम्मान का बोध कराना था.कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के सचिव सरोज सिंह ने कहा कि हिंदी केवल किसी एक विशेष दिन तक सीमित रहने वाली भाषा नहीं है, बल्कि यह देश के जनमानस के अंतःकरण में बसी हुई है.
उन्होंने जोर देकर कहा, “हिंदी सिर्फ अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और सामाजिक सरोकार का आधार है.साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र की कालजयी की पंक्ति “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल” का उद्धरण देते हुए सचिव सरोज सिंह ने कहा कि हमें विश्व की सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए, लेकिन सर्वांगीण विकास का मूल आधार अपनी निज भाषा की उन्नति ही है.उन्होंने विद्यार्थियों से अपील किया कि वे अपनी मातृभाषा को वही सम्मान और स्नेह दें, जो अपनी मां को देते हैं.शिविर को संबोधित करते हुए विद्यालय के शिक्षकों ने भी हिंदी के बहुआयामी स्वरूप पर प्रकाश डाला.
सुनील सिंह ने कहा “हिंदी एक ऐसा सांस्कृतिक और वैचारिक सेतु है, जो विभिन्न विचारों, परंपराओं और संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोती है.वरुण कुमार ने कहा “हिंदी के उत्थान के लिए समाज को उन तमाम मानसिक पूर्वाग्रहों को त्यागना होगा, जो इसके विकास के मार्ग में बाधा बनते हैं.संतोष कुमार ने कहा “हिंदी के प्रति हमारा जुड़ाव और आग्रह वैसा ही निश्छल होना चाहिए, जैसा एक अबोध शिशु का अपनी मां के प्रति होता है.
कार्यक्रम के समापन सत्र में विद्यालय के उप प्राचार्य विनय तिवारी ने उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापन किया.इस चेतना शिविर ने विद्यार्थियों के मन में मातृभाषा के प्रति गौरव, सम्मान और उसे और अधिक समृद्ध बनाने के संकल्प का संचार किया.






