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शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या के तार बिहार-यूपी से जुड़े, बक्सर जेल में बंद आरोपी को दिल्ली ले गई सीबीआई

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) और पूर्व एयरफोर्स अधिकारी चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के तार अब बिहार और उत्तर प्रदेश के गहरे आपराधिक नेटवर्क से जुड़ते नजर आ रहे हैं. इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की दिल्ली टीम ने गुरुवार को बक्सर सेंट्रल जेल में बड़ी कार्रवाई की है.​CBI ने जेल में बंद एक आरोपी को कोर्ट से रिमांड पर लिया और उसे पूछताछ के लिए दिल्ली लेकर रवाना हो गई है. इस घटनाक्रम के बाद से बिहार और यूपी के सीमावर्ती इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है.

​रिमांड पर लिया गया आरोपी संजय राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जमानियां थाना अंतर्गत मतसा गांव का रहने वाला है. चौंकाने वाली बात यह है कि संजय राय को बीते 11 मई को राजपुर थाने की पुलिस ने यूपी सीमा से सटे सायर घाट इलाके में रूटीन चेकिंग के दौरान महज 5 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया था.

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, संजय का पहले कोई बड़ा आपराधिक इतिहास नहीं था. लेकिन अब जांच एजेंसियों को तगड़ा शक है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद कानून के शिकंजे और विरोधी गैंग से बचने के लिए उसने सोची-समझी साजिश के तहत खुद को बक्सर में गिरफ्तार करवाया, ताकि वह जेल की सलाखों के पीछे सुरक्षित छिप सके.

CBI की जांच में इस हत्याकांड का कनेक्शन यूपी के गाजीपुर के ही एक और शातिर अपराधी विनय राय उर्फ पमपम से जुड़ा है, जिसे हाल ही में वाराणसी से दबोचा गया था. विनय पर हत्या और गैंगस्टर एक्ट जैसे कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं. सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), संदिग्ध बैंक लेन-देन और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट के जो सुराग मिले हैं, उनमें संजय राय और विनय राय का कनेक्शन बेहद मजबूत दिख रहा है. इसी कड़ी को जोड़ने के लिए CBI संजय को दिल्ली ले गई है.

इस मामले में बक्सर का नाम पहली बार नहीं आया है. इससे पहले भी बिहार STF और CBI की संयुक्त टीम ने बक्सर से ही मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य नाम के दो आरोपियों को उठाया था, जो फिलहाल 24 मई तक पुलिस कस्टडी में हैं. जांचकर्ताओं का अनुमान है कि इस पूरी साजिश और रेकी को अंजाम देने में कम से कम 8 लोग शामिल थे.

अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था. हत्या में इस्तेमाल कार और बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी, यहां तक कि कार के इंजन और चेसिस नंबर भी मिटा दिए गए थे ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके. लेकिन उनकी एक चूक भारी पड़ गई. बाली टोल प्लाजा पार करते समय आरोपियों ने UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट किया था. इसी डिजिटल ट्रेल का पीछा करते हुए CBI की टीम एक-एक कर सभी आरोपियों तक पहुंच गई.

विदित हो कि 42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ भारतीय वायु सेना (Air Force) में अधिकारी रह चुके थे. VRS लेने के बाद वह राजनीति में सक्रिय हुए और नंदीग्राम के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद और लो-प्रोफाइल रणनीतिकार बने. बीते 6 मई को पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी गई थी. चूंकि यह वारदात बंगाल चुनाव के नतीजों के ठीक दो दिन बाद हुई, इसलिए इसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तूफान खड़ा कर दिया था.​अब बक्सर और राजपुर इलाके से जुड़ रहे कड़ियों के बाद CBI इस अंतर्राज्यीय शूटर मॉड्यूल के मुख्य मास्टरमाइंड तक पहुंचने के बेहद करीब मानी जा रही है.

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