कैमूर में कसाई बना सगा भाई, बड़े भाई-भाभी और दो मासूमों को काटा,सूटकेस में मिले 18 टुकड़े
पुलिस के किया खुलासा


नेशनल आवाज़ :- बिहार के कैमूर जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया है.रामगढ़ थाना क्षेत्र के डहरक गांव में चर्चित ‘चार सिर कटे शव’ मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है. पारिवारिक विवाद में इस वीभत्स हत्याकांड को किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि मृतक के दो सगे छोटे भाइयों ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर अंजाम दिया था.पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी छोटे भाई विकास गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा भाई और दोस्त अभी फरार हैं. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल चाकू, स्कूटी, एक देसी कट्टा, तीन कारतूस एवं एक फाइटर बरामद किया है.
5 मई की वो पिटाई… और बुना गया मौत का ताना-बाना
घटना की पटकथा 5 मई को ही लिख दी गई थी. बताया जाता है कि सबसे बड़े भाई कृष्ण मुरारी गुप्ता ने अपनी मां की बेरहमी से पिटाई कर दी थी. मां ने इसकी शिकायत महाराष्ट्र में रह रहे अपने तीसरे नंबर के बेटे विकास गुप्ता से की.मां का रोना सुनकर विकास गुस्से से आगबबूला हो गया और अपने दोस्त दीपक कुमार राजपूत को साथ लेकर तुरंत घर के लिए रवाना हो गया.
शेयर मार्केट की चर्चा और फिर ताबड़तोड़ हमला
7 मई को विकास गुप्ता और उसका दोस्त दीपक घर के एक कमरे में बैठे थे.इसी बीच बड़ा भाई कृष्ण मुरारी वहां पहुंच गया.शुरुआत में तीनों बैठकर शेयर मार्केट को लेकर चर्चा करने लगे. बातचीत के दौरान ही विवाद बढ़ा और विकास व दीपक ने अचानक चाकू से कृष्ण मुरारी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया.
साक्ष्य मिटाने के लिए पूरे परिवार को उतारा मौत के घाट
पति की चीख सुनकर जब कृष्ण मुरारी की पत्नी उसे बचाने दौड़ी, तो आरोपियों ने उसकी भी बेरहमी से हत्या कर दी.इसी बीच शोर सुनकर कृष्ण मुरारी के दोनों मासूम बच्चे भी वहां आ गए.राज खुलने के डर से दरिंदों ने उन दोनों बच्चों को भी मौत के घाट उतार दिया.
गूंगा भाई बना कसाई
इस खौफनाक मंजर के दौरान सबसे छोटा भाई राहुल उर्फ गौतम (जो मूक-बधिर है) भी वहां पहुंच गया. उसने कुल्हाड़ी (टांगी) उठाई और चारों लाशों को बेरहमी से काट-काटकर टुकड़े-टुकड़े कर दिए.जब घर में यह सामूहिक हत्याकांड चल रहा था, तब मृतक की मां और उसके दो छोटे भाइयों की पत्नियां मूकदर्शक बनकर सब कुछ लाइव देख रही थीं.
लाशों के टुकड़े कर स्कूटी से ठिकाने लगाया, सबूत मिटाने के लिए घर में छिड़का सीमेंट
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद शवों के सिर और धड़ के टुकड़ों को सूटकेस और बोरियों में भरा गया.इसके बाद स्कूटी की मदद से उन्हें दो अलग-अलग जगहों पर फेंका गया.पहली जगह रामगढ़-मोहनिया बॉर्डर पर स्थित दुर्गावती नदी.दूसरी जगह अभेदेय के पास अकोढ़ी नहर.वारदात के बाद घर में फैले खून के सैलाब को छुपाने के लिए जमीन को धोकर पानी नाली में बहा दिया गया. खून के धब्बे पूरी तरह मिटाने के लिए घर में सीमेंट का छिड़काव किया गया और कुछ साक्ष्यों को आग के हवाले कर दिया गया. इसके बाद पूरे घर में ताला बंद कर आरोपी फरार हो गए.
सूटकेस में मिले थे 18 टुकड़े, बच्चों के कपड़ों से खुला राज
10 मई को रामगढ़-मोहनिया बॉर्डर पर दुर्गावती नदी से एक सूटकेस मिला, जिसमें इंसानी शरीर के 18 टुकड़े थे. इसे देखकर पुलिस के होश उड़ गए.प्रथम दृष्टया लगा कि यह 3 से 4 लोगों के शव हैं. पुलिस अभी मामले की तफ्तीश कर ही रही थी कि दो दिन बाद 12 मई को अकोढ़ी नहर के पास से बोरियों में बंद बिना सिर के कुछ और अंग बरामद हुए.
एसआईटी और डॉग स्क्वायड की वैज्ञानिक जांच
मोहनिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT), एफएसएल (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीम ने जांच शुरू की.पुलिस को शवों के टुकड़ों के साथ बच्चों के स्कूल ड्रेस और मृतक कृष्ण मुरारी की शर्ट मिली. इसी क्लू के आधार पर छानबीन करते हुए पुलिस रामगढ़ के डरहक गांव में कृष्ण मुरारी के बंद घर तक पहुंची.
आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने पर पता चला कि घटना के दिन विकास गुप्ता वहां मौजूद था.पुलिस ने जाल बिछाकर विकास को महाराष्ट्र से दबोच लिया.कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया.
क्या बोले कैमूर एसपी
”10 और 12 मई को मिले शव के टुकड़ों की पहचान कपड़ों के आधार पर डरहक गांव के कृष्ण मुरारी के परिवार के रूप में हुई.सीसीटीवी और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर मृतक के छोटे भाई विकास गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है.उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.मृतक बड़े भाई का व्यवहार परिवार के प्रति ठीक नहीं था, जिससे नाराज होकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया. बाकी दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.— हरि मोहन शुक्ला, एसपी, कैमूर
चार भाइयों का परिवार, मंझला भाई कर रहा श्राद्धकर्म
मृतक कृष्ण मुरारी गुप्ता चार भाइयों में सबसे बड़ा था.दूसरे नंबर का भाई सुभाष गुप्ता हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है. इस सामूहिक हत्याकांड की खबर मिलते ही वह बदहवास हालत में गांव पहुंचा. इस समय पूरा गांव स्तब्ध है और मंझला भाई सुभाष ही अपने बड़े भाई, भाभी और मासूम भतीजा-भतीजी का अंतिम संस्कार व श्राद्धकर्म कर रहा है.






