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Student protest

बक्सर में NEET पेपर लीक पर भड़के विद्यार्थी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अंबेडकर चौक पर जोरदार प्रदर्शन

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- ​शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियों, NEET परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बक्सर का अंबेडकर चौक छात्रों के आक्रोश का गवाह बना.बड़ी संख्या में जुटे छात्र-छात्राओं ने पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया. सुबह 11 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन दोपहर 1:30 बजे राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ.​प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और परीक्षा तंत्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. अभ्यर्थियों का कहना था कि देश में लगातार हो रही परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है. दिन-रात मेहनत करने वाले मेधावी छात्रों का मनोबल टूट रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

अलर्ट मोड में पुलिस प्रशासन

​नैतिक जिम्मेदारी लें शिक्षा मंत्री

​प्रदर्शनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देने की मांग की. छात्र वक्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं करेगी, तब तक व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है. यदि सरकार ने समय रहते उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो इस आंदोलन को बक्सर से निकालकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक रूप दिया जाएगा.

​प्रशासन रहा मुस्तैद, पुलिस बल की निगरानी में बीता समय

​छात्रों के बड़े प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन सुबह से ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा.अंबेडकर चौक पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.मौके पर सदर एसडीएम अविनाश कुमार और सदर एसडीपीओ गौरव पांडेय भारी पुलिस बल के साथ खुद तैनात रहे. अधिकारियों की सतत निगरानी के कारण पूरा प्रदर्शन अनुशासित रहा और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं घटी.

​छात्रों की 5 प्रमुख मांगें

​NEET पेपर लीक मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए,धांधली में शामिल दोषियों की पहचान कर उन पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाए.संपूर्ण शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक प्रशासनिक सुधार लागू हों. परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाया जाए. नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से त्यागपत्र दे.

 

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