दहेज को ‘धिक्कार : राजपुर में बिना दहेज सात फेरों के बंधन में बंधे विकास एवं निधि

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- आज के आधुनिक दौर में जहां शादियाँ फिजूलखर्ची और लेन-देन का जरिया बनती जा रही हैं. वहीं राजपुर से समाज को एक नई राह दिखाने वाली खबर सामने आई है.यहाँ प्रखंड मुख्यालय परिसर में स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के परिसर में एक ऐसा विवाह संपन्न हुआ जिसने दहेज रूपी कुप्रथा के मुंह पर करारा तमाचा जड़ा है.बिना किसी तामझाम और बगैर एक भी रुपए के लेन-देन के हुई यह शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय और एक आदर्श मिसाल बन गई है.
न कोई मान-मनौवल, बस बंधा स्नेह का बंधन
इस विवाह की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि यहाँ न तो पैसों की नुमाइश थी और न ही बेटी के पिता के माथे पर कोई चिंता की लकीर.पूरी सादगी और गरिमा के साथ दोनों पक्ष एक-दूसरे के गले मिले.दरियापुर निवासी संजय राम के सुपुत्र विकास कुमार ने बिना दहेज के विवाह कर युवाओं के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है.खीरी गांव निवासी जयप्रकाश राम एवं अनीता देवी की लाडली पुत्री निधि कुमारी ने वर के रूप में विकास कुमार का वरण किया.
गवाह बने समाज के प्रबुद्ध जन और सामाजिक कार्यकर्ता
बेटी को सम्मान दो, दहेज को विदा करो।इस ऐतिहासिक और भावुक पल के गवाह बनने तथा नव-दंपति को अपने आशीर्वाद से सराबोर करने के लिए कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.जिसमें अंबेडकर संघ अध्यक्ष संजय कुमार राम, बीएसपी जिला उपाध्यक्ष वंश नारायण राम ,बालेश्वर राम, महंगे जी,राजू चौहान, टुनटुन भारती, जीविका दीदी शोभा देवी के अलावे अन्य वक्ताओं ने वर वधू को आशीर्वचन देते हुए कहा कि बेटी बोझ नहीं, समाज की धरोहर है. अगर समाज का हर युवा विकास कुमार की तरह सोच रखने लगे, तो किसी भी गरीब पिता को अपनी बेटी की शादी के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा और न ही कोई बेटी खुद को समाज पर बोझ समझेगी.बाबा साहेब के विचारों को सच मायनों में धरातल पर उतारने का काम इस शादी ने किया है. इस सुखद पल में अपना समर्थन देने पहुंचे ग्रामीण दारोगा राम, दुलारचन्द राम, मारकंडे राम, पंचरतन देवी, रीता देवी, सुदामा राम, मेतु राम, अशोक मुसहर, कबीता देवी, अजय, संजय, धनजी, सोनू जी (पूर्व प्रखंड अध्यक्ष), फूलकुमारी, सुगन्ती देवी और टेगरी राम सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने नव-दंपति पर फूलों की वर्षा की.






