सोनम वांगचुक की हिरासत के विरोध में जंतर-मंतर पहुंचे बक्सर के किसान नेता, आंदोलन को दिया समर्थन

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- दिल्ली के जंतर-मंतर पर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा बलपूर्वक हटाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को बिहार के बक्सर जिले से ‘प्रभावित किसान मजदूर मोर्चा’ के अध्यक्ष व प्रख्यात किसान नेता रामप्रवेश सिंह यादव दर्जनों किसानों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर धरना स्थल पर पहुंचे.उन्होंने वहां मौजूद आंदोलनकारी छात्रों और नौजवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का ऐलान किया.
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर नागरिक का अधिकार : रामप्रवेश सिंह
धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए किसान नेता रामप्रवेश सिंह यादव ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने कहा लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन करना देश के हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है. पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक के साथ किया गया दुर्व्यवहार पूरी तरह से निंदनीय और अलोकतांत्रिक है. हमारी प्रशासन से स्पष्ट मांग है कि सोनम वांगचुक को तुरंत और सुरक्षित वापस जंतर-मंतर के धरना स्थल पर लाया जाए.
जब तक न्याय नहीं, तब तक डटे रहेंगे किसान
किसान नेता ने छात्रों और युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि जब तक प्रशासन सोनम वांगचुक को वापस नहीं लाती, तब तक बक्सर और देश के किसान भी आंदोलनकारियों के साथ यहीं जंतर-मंतर पर डटे रहेंगे.उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के किसान, छात्र और नौजवान मिलकर ही जनहित के मुद्दों को सरकार के बहरे कानों तक पहुंचा सकते हैं.
20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल होने की अपील
इस दौरान रामप्रवेश सिंह ने नीट (NEET) मामले को लेकर भी अपनी आवाज बुलंद की.उन्होंने आगामी 20 जुलाई को नीट मामले में अपनी जान गंवाने वाले 19 दिवंगत छात्रों की याद में आयोजित होने वाले ‘संसद मार्च’ का जिक्र किया. उन्होंने देश भर के अधिक से अधिक छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से इस मार्च में भाग लेने और इसे सफल बनाने की पुरजोर अपील की.गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से सोनम वांगचुक के नेतृत्व में नीट परीक्षा में विसंगतियों, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था.
पुलिस की अचानक हुई कार्रवाई के बाद आंदोलनकारियों में भारी नाराजगी थी.हालांकि, बक्सर से किसानों के जत्थे के साथ पहुंचे रामप्रवेश सिंह यादव के समर्थन के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों का मनोबल एक बार फिर बढ़ गया है. धरना स्थल पर मौजूद छात्रों ने संकल्प लिया कि वे पूरी तरह से अहिंसक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे. किसानों के इस जमीनी समर्थन के बाद अब इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.






