सरपंच हत्या मामले में चिलबिला गाँव पहुँचा भाकपा माले का जाँच दल, प्रशासनिक दावों की खोली पोल

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- इटाढ़ी प्रखण्ड के कुकुढ़ा पंचायत अंतर्गत चिलबिला गाँव में भूमि विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प में स्थानीय सरपंच सुबास यादव की निर्मम हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है.इस जघन्य हत्याकांड की जमीनी हकीकत जानने और पीड़ित परिवार को ढाढस बँधाने शुक्रवार (17 जुलाई) को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा माले का एक जाँच दल चिलबिला गाँव पहुँचा.
जाँच दल का नेतृत्व भाकपा माले के इटाढ़ी प्रखण्ड सचिव जगनारायण शर्मा ने किया.इस दल में प्रखण्ड कमिटी सदस्य कॉमरेड जितेन्द्र राम, कॉमरेड गणेश राय, कॉमरेड जगनारायण साह और कॉमरेड चितरंजन कुमार शामिल रहे.
कागजी साबित हो रहे सरकार के ‘जनता दरबार’ और ‘सहयोग शिविर‘
गाँव पहुँचे जाँच दल ने पाया कि मृतक सरपंच सुबास यादव का परिवार उस समय अंतिम संस्कार के लिए बक्सर गया हुआ था.ग्रामीणों से बातचीत के बाद जाँच दल ने राज्य सरकार की नीतियों और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की शिथिलता पर तीखा हमला बोला.भाकपा माले के प्रखण्ड सचिव जगनारायण शर्मा ने कहा एक जनप्रतिनिधि (सरपंच) रहे व्यक्ति की इस तरह सरेआम हत्या हो जाना कानून व्यवस्था की पोल खोलता है.
यह घटना प्रशासनिक लापरवाही और सरकार के झूठे वादों की देन है. सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘सहयोग शिविर’, ‘जनता दरबार’, ‘भूमि सर्वेक्षण’ और ‘सरकार आपके द्वार’ जैसे तमाम दावे सिर्फ कागजी घोड़े साबित हो रहे हैं.
एक एकड़ जमीन का विवाद, कोर्ट में लंबित है मामला
ग्रामीणों के मुताबिक, विवाद की जड़ में सड़क किनारे स्थित लगभग एक एकड़ जमीन है, जो पहले बिहार सरकार की थी. मृतक सरपंच सुबास यादव के परिजनों ने इस जमीन के कागजात अपने नाम करवा लिए थे, जिसका विपक्षी दल लगातार विरोध कर रहे थे. इसके अलावा खतियानी जमीन को लेकर भी दोनों पक्षों में पुराना विवाद है और मामला न्यायालय में भी लंबित है. स्थानीय स्तर पर कई बार पंचायती भी हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका.
नोनी नदी पुल के पास घात लगाकर किया गया हमला
घटनाक्रम के अनुसार, वारदात के दिन विपक्षी दल द्वारा विवादित जमीन की जोताई की गई थी.इसके बाद जब सरपंच सुबास यादव अपने दो पुत्रों अखिलेश यादव और बिन्देश यादव के साथ घर से डेरी के पास स्थित दलान की ओर जा रहे थे, तभी नोनी नदी पर बने पुल के पास पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर धावा बोल दिया.आरोप है कि तेजनारायण यादव, अभिमन्यु यादव, विनोद यादव, निर्मल यादव, विमल यादव और बिट्टू यादव सहित अन्य लोग लाठी, डंडे और लोहे की रॉड लेकर बैठे थे. पुल के पास पहुँचते ही इन लोगों ने तीनों पर जानलेवा हमला कर दिया.इस मारपीट में गंभीर रूप से घायल पूर्व सरपंच ने बक्सर अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि उनके दोनों पुत्र बुरी तरह घायल हैं और इलाज करा रहे हैं.
चार की गिरफ्तारी, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग
इस मामले में पुलिस ने अब तक दो पुरुष और दो महिलाओं सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.पीड़ित परिवार के रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से सभी दोषियों को फाँसी की सजा देने तथा भूमि विवाद को नजरअंदाज करने वाले लापरवाह प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की माँग की है.






