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उत्तमपुर बैंक प्रबंधक के खिलाफ ग्रामीणों ने निकाला प्रतिरोध मार्च, गांव में ही बैंक रखने के लिए उठाई आवाज

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- राजपुर प्रखंड के बारूपुर पंचायत के उत्तमपुर गांव में ग्रामीणों ने आक्रोश मार्च निकाला.जान दे देंगे पर बैंक नहीं जाने देंगे, बैंक के सम्मान में बैंक ग्राहक मैदान में नारों के साथ ग्रामीणों ने इंडियन बैंक शाखा के बैंक प्रबंधक के खिलाफ पकड़ी चौक से बैंक तक आक्रोश मार्च निकाला उसके बाद विशाल जन सभा का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता पूर्व मुखिया मिथिलेश पासवान ने किया. ग्रामीणों ने कहा की पिछले कई वर्षों से इंडियन बैंक शाखा चलता है.गांव के सभी ग्रामीणों के अलावा आसपास के कई गांव के लोगों का खाता है. लेकिन इस बैंक के वर्तमान शाखा प्रबंधक द्वारा मनमानी तरीके से इसे किसी दूसरे जगह ले जाने की योजना बनाई गई है.

सभा में विरोध जताती महिलायें 

जिसकी जानकारी होने के बाद हम लोगों ने बैंक प्रबंधक से अपनी समस्या को रखा फिर भी इस पर कोई विचार नहीं किया गया है.जिसको लेकर संबंधित बैंक के वरीय पदाधिकारी को भी लिखित तौर पर सूचित किया गया है.फिर भी गैरकानूनी तरीके से उनके द्वारा लगातार बैंक को दूसरे जगह ले जाने की तैयारी की जा रही है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि इस बैंक के द्वारा कई गलत काम किए गए हैं. जिसका कभी भी पर्दाफाश हो सकता है.जनसभा में संबोधित करते हुए पूर्व मुखिया मिथिलेश पासवान ने कहा कि देवढ़िया गांव के चितरंजन राम के नाम से किसी योजना मद से आवेदन दिया था. लेकिन इसे कोई स्वीकृत नहीं किया गया वहीं इसका खाता जलहरा इंडियन बैंक में है.जिस खाते से इसका एक लाख रूपये इस बैंक ने गलत तरीके से काट लिया और उसके ऊपर ऋण भी दिखा दिया.

नारेबाजी करते ग्रामीण 

जबकि उसे आज तक टेंपो भी नहीं मिला. सबसे बड़ी बात है कि जिस टेंपो की खरीद की बात की गई थी.उस एजेंसी का भी धरातल पर कोई आता पता नहीं है. इस तरह के कई बड़े मामले हैं.इस बैंक से एक भी किसानों को केसीसी ऋण नहीं मिला है.

सभा में नहीं पहुंचे बैंक के अधिकारी

 ग्रामीणों द्वारा बैंक प्रबंधक के मनमानी के खिलाफ विगत एक महीने से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.इसके लगातार शिकायत के बाद पटना जोनल ऑफिस से ग्रामीण एवं बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए किसी अधिकारी को भेजा गया था. जिसकी पहल पर सोमवार के दिन तिथि तय की गई थी. लेकिन किसी कारण से अधिकारी मौजूद नहीं हुए. मंगलवार को समय दिए थे.

समय के बाद ग्रामीणों के भारी भीड़ एवं आक्रोश को देखते हुए ग्रामीणों से बात नहीं किया. हालांकि इस दौरान गांव के कुछ प्रमुख लोगों से इन्होंने बात कर भरोसा दिलाया कि यहां से बैंक किसी दूसरे जगह नहीं जाएगा.फिलहाल मामला जो भी हो लेकिन इस मामले को लेकर गांव के ग्रामीणों में आक्रोश है.

ग्रामीणों ने खुले मंच से चेतावनी दिया कि अगर बैंक गांव के ग्रामीणों की भावनाओं का ख्याल नहीं रखा तो यह विरोध प्रदर्शन चरणबद्ध तरीके से होगा.इस मौके पर रमेश सिंह, सत्येंद्र सिंह, जगदम्बा सिंह, विजय राय, धनंजय राय, रामाकांत राय, रामाशंकर पासवान, श्रीनिवास राय , बुधिया देवी, लाली देवी, मंजू देवी, सोमरिया देवी, पूनम देवी के अलावा सैकड़ों लोग मौजूद रहे.

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