लाखों खर्च के बाद सैकड़ों सोलर स्ट्रीट लाइट हुई खराब,विभाग ने कंपनी को जारी किया पत्र


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- राजपुर प्रखंड के सभी 19 पंचायतों में 15 वें वित्त योजना से सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत गांव को रौशन करने के लिए लाखों रुपए खर्च कर स्ट्रीट लाइट लगा दिया गया है. इस योजना के तहत पहले मंगराव, अकबरपुर ,खीरी एवं नागपुर पंचायत में यह लगाया गया .लाइट लगने के बाद से ही अधिकतर जगहों पर खराब होकर शोभा की वस्तु बन गया है. गांव के विभिन्न चौक चौराहों पर इसे लगाया गया था.किसी भी गांव की गलियों से गुजरने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो .गांव में अधिकतर चोरी की घटनाएं हो रही थी.चोरी की घटनाओं पर भी लगाम लगाने के लिए जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरा लगाने का भी काम होने वाला है.
तब तक सोलर स्ट्रीट लाइट योजना ने दम तोड़ना शुरू कर दिया है. पंचायत के विभागीय रिपोर्ट के अनुसार खरहना पंचायत में आठ जगहों पर यह कई महीनो से बंद पड़ा हुआ है. जिसमें वार्ड नंबर सात,11, 13 और नौ के लाल बाबू के दुकान के पास, गांधी चौहान के घर के पास यह लाइट खराब पड़ा हुआ है.वार्ड 12 में अमरजीत राम के घर पर लाइट बंद है.हेठुआ पंचायत के छह जगह पर वार्ड नंबर 10, 11, 12 एवं 13 में कई महीनो से अंधेरा छाया है. नागपुर पंचायत के पिपरा, कजरिया, हंकारपुर में लाइट नहीं जल रहा है.राजपुर के वार्ड नंबर एक, नौ, 11 में खराब है. देवढ़िया के वार्ड 12, तियरा पंचायत के बघेलवा, मनोहरपुर, मुकुंदपुर, सखुआना, अकोढ़ी, बहुआरा, अकबरपुर पंचायत के मांगोडिहरी, जलहरा, ओड़वार, सिकठी पंचायत के वार्ड एक, तीन, नौ, 10, 11, 12, कैथहर कला पंचायत के बारह एवं खीरी के सात जगहों पर कई महीनों से लाइट खराब है.
सबसे बड़ी बात है कि सरकार ने जिस पंचायतीराज व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पंचायत को अधिकार सौंपा था. उसके अधिकारों की कटौती कर इस योजना को धरातल पर लाने के लिए स्वयं ही कई निजी कंपनियों के साथ करार कर लिया. जिस कंपनी के तहत यह लाइट लगाई गई है. जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पंचायत में लगने वाले इस लाइट पर लगभग 36000 रुपए का खर्च आया है. जिसे बिजली के खंभे पर ही लगाया गया है.
जिसको लेकर जनप्रतिनिधियों ने प्रखंड पंचायतराज पदाधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराया था. जिनके शिकायत पर प्रखंड स्तरीय कर्मी एवं कंपनी के तरफ से आए कर्मियों ने निरीक्षण कर समस्याओं को नोट कर समाधान करने का भरोसा भी दिया था. बावजूद कई महीने बीत जाने के बाद भी इसे ज्यों का त्यों छोड़ दिया गया है.
क्या बोले अधिकारी
संबंधित पंचायत से मुखिया के द्वारा चयनित जगह पर खराब पड़े स्ट्रीट लाइट की सूची प्राप्त होने के बाद इसका रिपोर्ट तैयार कर कार्य एजेंसी को भेजा गया है.वरीय पदाधिकारी को भी सूचित किया गया है. – अभिषेक कुमार पाठक, प्रखंड पंचायतीराज पदाधिकारी राजपुर






