नए लेबर कोड एवं दमन के खिलाफ भाकपा-माले व खेग्रामस ने भरी हुंकार, निकाला विशाल जुलूस


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- विश्वव्यापी अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर भाकपा-माले और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) ने संयुक्त रूप से शक्ति प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के ‘नए लेबर कोड’ और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ शहर के ज्योति चौक पर विशाल जुलूस निकाला, जो बाद में एक विरोध सभा में तब्दील हो गया.जुलूस का नेतृत्व खेग्रामस के जिला अध्यक्ष कन्हैया पासवान, उपाध्यक्ष ललन राम, भाकपा-माले के इटाढ़ी सचिव जगनारायण शर्मा, बक्सर टाउन सचिव ओम प्रकाश, ब्रह्मपुर सचिव बीर बहादुर पासवान, आइसा नेता अखिलेश और भगवान दास ने किया.
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. वक्ताओं ने कहा कि 1 अप्रैल 2026 से थोपे गए नए लेबर कोड मजदूरों को कॉरपोरेट ‘जंगलराज’ के हवाले कर रहे हैं. अब 8 घंटे का कार्यदिवस अधिकार नहीं, बल्कि विशेषाधिकार बन गया है. ट्रेड यूनियन बनाने की शक्ति छीनी जा रही है और मालिकों को मनमानी छंटनी का हक दे दिया गया है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण उत्पन्न ईंधन संकट का जिक्र करते हुए कहा गया कि इससे देश में भारी उथल-पुथल है.
गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से प्रवासी मजदूर एक बार फिर बिहार और यूपी लौटने को मजबूर हैं.एनसीआर क्षेत्र में वेतन वृद्धि की मांग कर रहे मजदूरों पर हो रहे दमन की निंदा की गई.वक्ताओं ने कहा कि यूपी की ‘डबल इंजन’ सरकार जायज मांगों को ‘देश-विरोधी साजिश’ बताकर कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रही है.सभा में आरोप लगाया गया कि मोदी सरकार और आरएसएस अमेरिका-इजरायल धुरी के सामने घुटने टेक रहे हैं.वक्ताओं ने आह्वान किया कि मजदूर अधिकारों की इस लड़ाई को अब फासीवाद-विरोधी और साम्राज्यवाद-विरोधी निर्णायक संघर्ष में बदलना होगा.
ज्योति चौक पर आयोजित इस सभा के माध्यम से भाकपा-माले और खेग्रामस ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रखेंगे.जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने “मजदूर एकता जिंदाबाद”, “नया लेबर कोड वापस लो” और “कॉरपोरेट लूट बंद करो” जैसे गगनभेदी नारे लगाए.इस दौरान युवा नेता सर्वेश पाण्डेय, सफाईकर्मी सचिव शंकर तिवारी, संध्या पाल, अजीत, कुश भगवान, संजय कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, अजित कुमार और तारा देवी सहित भारी संख्या में मजदूर व कार्यकर्ता शामिल रहे.






