जिला समन्वय समिति की हुई बैठक, डीएम ने कहा कार्यों में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- समाहरणालय सभाकक्ष में डीएम साहिला की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में जिले के विकास कार्यों, आगामी शिविरों और प्रशासनिक लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई एवं संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए.जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों के अंतर्गत सरकारी भवनों के निर्माण के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के माध्यम से जल्द से जल्द भूमि का प्रस्ताव उपलब्ध कराएं. समीक्षा के दौरान डीएम ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित रकबा के अनुसार सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, तो इच्छुक रैयतधारियों (जमीन मालिकों) से लीज पर भूमि लेने हेतु प्रस्ताव भेजा जा सकता है.
आगामी 02 जून को आयोजित होने वाले ‘सहयोग शिविर’ की तैयारियों को लेकर जिला पदाधिकारी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया.उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को शिविर स्थल पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का आदेश दिया, जिसमें पर्याप्त पेयजल और शौचालय की व्यवस्था.धूप से बचाव के लिए शेड का निर्माण.आमजन के बैठने की समुचित व्यवस्था.डीएम ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि उक्त आदेश का अनुपालन नहीं करने वाले संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) को वृक्षारोपण के निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने का टास्क दिया गया. निर्देश के अनुसार, प्रखंड स्तर के अधिकारियों के माध्यम से उन पात्र लाभुकों के खेतों और सिंचाई व्यवस्था का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा जिन्हें यह लाभ मिलना है.इसके साथ ही पात्र लाभुकों को वृक्षारोपण से संबंधित सभी आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण दिलाना भी सुनिश्चित किया जाएगा.
बिना डिग्री कॉलेज वाले प्रखंडों की होगी जांच
शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिले के जिन प्रखंडों में अब तक कोई डिग्री कॉलेज नहीं है, वहाँ वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कॉलेज निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए. इसके लिए संबंधित प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों से निरीक्षण कराकर निर्धारित प्रपत्र में जल्द से जल्द जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया है.न्यायालय से जुड़े मामलों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला पदाधिकारी ने CWJC और MJC के लंबित वादों की समीक्षा की. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को ससमय ‘तथ्य विवरणी’ तैयार करने तथा एक सप्ताह के भीतर इन वादों का निष्पादन सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया.






