शिक्षक के असामयिक निधन से शिक्षा जगत में शोक, गाँव में पसरा सन्नाटा

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- राजपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय खीरी में कार्यरत शिक्षक विजय शंकर लाल के अचानक निधन की खबर से स्थानीय क्षेत्र और शिक्षक समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है. एक कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक के इस तरह चले जाने से हर कोई स्तब्ध है.ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को शिक्षक विजय शंकर लाल किसी रिश्तेदार के यहाँ शादी समारोह में शामिल होकर लौटे थे.
रात में भोजन के उपरांत वे अपने पैतृक गांव कोनौली में छत पर सोने चले गए.बुधवार की सुबह जब स्कूल जाने का समय हुआ और वे काफी देर तक नीचे नहीं आए तो आसपास के लोगों ने उन्हें आवाज दी.दरवाजा न खुलने और कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर लोग घर के अंदर दाखिल हुए और छत पर जाकर देखा तो वह छत पर अचेत अवस्था में पड़े मिले.
आनन-फानन में उन्हें निजी क्लीनिक ले जाया गया.जहाँ चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.निधन की सूचना मिलते ही प्रखंड के शिक्षकों में गहरा दु:ख व्याप्त हो गया. उनकी याद में उर्दू प्राथमिक विद्यालय खीरी में एक शोक सभा का आयोजन किया गया.जिसका नेतृत्व प्रधानाध्यापक धनंजय मिश्रा ने किया. शिक्षकों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की.
धनंजय मिश्रा ने कहा कि विजय शंकर लाल जैसे समर्पित शिक्षक का असमय चले जाना शिक्षा जगत और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है.दुख की इस घड़ी में हम सभी उनके परिवार के साथ खड़े हैं.खीरी के अलावा क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी शोक सभाएं आयोजित की गई और विद्यालय के कार्यों को स्थगित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई.






