बक्सर की बेटी दीक्षा की संदिग्ध मौत पर उबाल, डॉ. मनोज पांडेय ने की CBI जांच की मांग
बक्सर के पूर्व जिलाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को लिखा पत्र; कहा- न्याय के लिए उच्चस्तरीय हस्तक्षेप जरूरी


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- बक्सर विधानसभा क्षेत्र (200) के पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के डेलीगेट डॉ. मनोज पांडेय ने दीक्षा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु को लेकर मोर्चा खोल दिया है.उन्होंने इस हृदयविदारक घटना को हत्या की आशंका बताते हुए केंद्र सरकार से अविलंब हस्तक्षेप करने और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है. डॉ. पांडेय ने इसको लेकर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पत्र भी प्रेषित किया है.डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि दीक्षा की मृत्यु ने न केवल पीड़ित परिवार को तोड़ा है, बल्कि पूरे बक्सर और प्रदेश में भय का माहौल पैदा कर दिया है.उन्होंने आशंका व्यक्त की कि स्थानीय स्तर पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है.आम जनता के बीच यह डर घर कर गया है कि मामले की सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जा सकता है.रसूखदार दोषियों को बचाने की कोशिश हो सकती है.ऐसे में निष्पक्ष जांच ही एकमात्र रास्ता है.
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के समक्ष रखी गई 5 प्रमुख मांगें
डॉ. पांडेय ने केंद्र सरकार को भेजे पत्र में न्याय सुनिश्चित करने के लिए पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई (CBI) या विशेष जांच दल (SIT) से निष्पक्ष जांच कराई जाए, जांच की पूरी प्रक्रिया उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय की सीधी निगरानी में हो, दोषियों को अविलंब चिन्हित कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कठोर दंड दिया जाए,पीड़ित परिवार को चौबीसों घंटे सुरक्षा और पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, भविष्य में बेटियों के साथ ऐसी घटना न हो, इसके लिए ठोस कानूनी कदम उठाए जाएं.
पूर्व जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यह मामला केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की अस्मिता और कानून-व्यवस्था पर जनता के भरोसे की लड़ाई है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती है, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था से लोगों का विश्वास उठ जाएगा. डॉ. पांडेय ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह बक्सर की इस बेटी को न्याय दिलाने के लिए अविलंब उच्चस्तरीय जांच का आदेश जारी करे, ताकि सत्य सामने आ सके और शोक संतप्त परिवार को न्याय मिल सके.






