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रील बनाने के चक्कर में ठोरा नदी में डूबकर तीन किशोर की मौत, सरसती गांव में पसरा मातमी सन्नाटा

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत सरसती गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया. गांव के समीप स्थित ठोरा नदी में नहाने गए चार दोस्तों में से तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी किशोर परिजनों को बिना बताए नदी में स्नान करने पहुंचे थे.इसी दौरान रील बनाने के प्रयास में तीनों गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते नदी की तेज धारा में समा गए.सभी मृतकों की पहचान 13 वर्षीय शमर कुमार शर्मा, 15 वर्षीय कृष्णा कुमार राम एवं 14 वर्षीय धर्मवीर कुमार के रूप में हुई है.

आंखों के सामने डूब गए दोस्त

घटना के समय उनके साथ मौजूद चौथे दोस्त कल्याण शर्मा ने आंखों देखी घटना का हाल बताया कि उसके तीनों साथी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी में नहा रहे थे. अचानक पैर फिसलने से वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे.कल्याण ने रुआंसे गले से बताया मुझे तैरना नहीं आता था, इसलिए मैं उन्हें बचा नहीं सका. मैंने आसपास के लोगों को आवाज लगाई, लेकिन कोई नहीं मिला.इसके बाद मैं दौड़कर गांव पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी.

घंटों की मशक्कत के बाद बाहर निकाले गए शव

​सूचना मिलते ही गांव के लोग और बदहवास परिजन नदी किनारे पहुंचे. स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों किशोरों को पानी से बाहर निकाला गया. गंभीर हालत में उन्हें तत्काल सदर अस्पताल बक्सर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया.अस्पताल परिसर परिजनों की चीत्कारों से गूंज उठा.​हादसे का शिकार हुए तीनों किशोर होनहार थे और उनके असमय चले जाने से परिवारों का चिराग बुझ गया है सरसती डेरा निवासी रत्नेश कुमार शर्मा (बाइक मैकेनिक) का बड़ा पुत्र था. वह छठी कक्षा का छात्र था.​कृष्णा कुमार राम पिता स्वर्गीय सुरेंद्र प्रसाद राम (पूर्व चालक, इटाढ़ी अंचल कार्यालय) का सबसे छोटा पुत्र था. वह नौवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था.​धर्मवीर कुमार पिता धमेंद्र यादव मजदूर का पुत्र था.पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं.​इटाढ़ी थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने बताया कि सभी बच्चे नदी में नहाने गए थे और हादसे का शिकार हो गए.

तीनों के शव बरामद कर लिए गए हैं और डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.​घटना के बाद पूरे सरसती गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और चूल्हे तक नहीं जले. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल सरकारी मुआवजा एवं हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.

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