बिहार सेन्ट्रल स्कूल में प्रेरणादायक समारोह का हुआ आयोजन,प्रतिभाशाली छात्र हुए सम्मानित


नेशनल आवाज़ /बक्सर :- शहर के बिहार सेंट्रल स्कूल के प्रांगण में प्रेरणादायक समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें विगत वार्षिक परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर विद्यालय का माहौल उत्साह, गर्व और खुशी से सराबोर रहा.कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंधन के सचिव सरोज सिंह ने कहा कि हर वर्ष विद्यालय द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाता है.
उन्होंने बताया कि छात्र इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि यह उनके परिश्रम और लगन का प्रतिफल होता है.सम्मान मिलने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित होते हैं. उन्होंने आगे कहा कि यह केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण होता है.शिक्षकों के मार्गदर्शन, समर्पण और विद्यार्थियों की मेहनत का ही परिणाम है कि वे इस मुकाम तक पहुंचते हैं.सरोज सिंह ने यह भी कहा कि इस तरह के सम्मान का उद्देश्य बच्चों को प्रतियोगी युग के अनुरूप तैयार करना और उनकी अध्ययन क्षमता को मजबूत बनाना है.
उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात पर जोर देते हुए कहा कि विद्यालय की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी, जब अंतिम पंक्ति में खड़ा छात्र भी आगे बढ़कर प्रथम स्थान पर पहुंचे. यही विद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि और नैतिक जिम्मेदारी है.उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल प्रमाण पत्रों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके आचार-विचार और सामाजिक व्यवहार में भी झलकनी चाहिए.
सम्मान प्राप्त करनेवाले छात्र छात्राओं में नर्सरी के अविरल पांडेय , प्रेप वर्ग सृष्टि श्रीवास्तव, कक्षा 1 अंशु, अपराजिता, कक्षा 2 अर्नव आनंद, कक्षा 3 में ऋषभ यादव, प्रताप सिंह, कक्षा 4 अंकुश आनंद, वैष्णवी गुप्ता, कक्षा 5 नवनीत कुमार राय, विक्रांत सिंह, कक्षा 6 कुमारी अर्चना, वैष्णवी कुमारी, कक्षा 7 अनामिका मिश्रा, सुमन वर्मा, कक्षा 8 राजनंदनी, किशन राज, कक्षा 9 नीरज दुबे, वरदान पांडेय शामिल है.
सम्मानित छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पढ़ाई में सफलता का सबसे अहम सूत्र स्वाध्याय (Self-study) है.नियमित अभ्यास, मानसिक धैर्य और अनुशासन से ही बेहतर प्रदर्शन संभव है.कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी छात्र सफलता की ऊंचाइयों को छू सकता है.






