Slide
जीवन में हजारों लड़ाइयां जीतने से अच्छा है कि तुम स्वयं पर विजय प्राप्त कर लो : गौतम बुद्ध
previous arrow
next arrow
Education

यादें छोड़ विदा हुई शिक्षिका मंजू, विदाई गीतों से भावुक हुआ माहौल

नेशनल आवाज़ /बक्सर :- राजपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय देवढ़िया की सहायक शिक्षिका रही मंजू कुमारी के सेवानिवृत्त होने पर सम्मान सह विदाई समारोह का आयोजन किया गया.जिसमें सेवानिवृत शिक्षिका को भावभीनी विदाई दी गयी.जिसकी अध्यक्षता सेवा निवृत शिक्षक दूधनाथ राम,एचएम मो असजद एवं श्रीराम राय ने संयुक्त रूप से किया. संचालन चंदन कुमार ने किया.शिक्षिका के सम्मान में विद्यालय परिवार के तरफ से मोमेंटो, अभिनंदन पत्र एवं हरित वातावरण के लिए इको क्लब व शिक्षकों ने पौधा भी भेंट किया.

मुख्य अतिथि पूर्व बीआरपी सह शिक्षक विनोद पांडेय ने कहा कि गुरु देश के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते है.आपके दिए हुए शिक्षा से बच्चें आगे बढ़ेगे.स्कूल की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने में आप सभी सहयोग करें.शिक्षक नेता ब्रजेश राय ने कहा कि इस विद्यालय को संवारने वाली शिक्षिका एक मुखिया एवं सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है.

जिसने अपने नेतृत्व काल में समाज को नई दिशा देने का काम किया है. इनका कार्य हमेशा याद रहेगा.यह विद्यालय इस क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा दे रहा है.इसे और आगे तक बढ़ाये.शिक्षक इस समाज को नई दिशा देने का काम करते है.जिसमें अभिभावकों को सहयोग करने की जरूरत है.सरपंच प्रतिनिधि शम्भू मिश्र ने कहा कि बच्चों को स्कूल प्रत्येक दिन भेंजे.शिक्षा से ही सब कुछ हासिल किया जा सकता है.खीरी उर्दू प्राथमिक स्कूल के एच एम धनंजय मिश्र ने कहा कि शिक्षक कभी सेवा निवृत्त नहीं होते.समय पर मार्गदर्शन करते रहे.

छात्रों से कहा पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.सेवा निवृत्त शिक्षिका मंजू कुमारी ने अपने संदेश में कहा कि सभी बच्चे फूल की तरह मुस्कुराते रहे.विभिन्न स्कूल से पहुंचे शिक्षकों ने उनके सेवा कार्य में किये गए कार्यो का उल्लेख किया.स्कूल के छात्र-छात्राओं ने इनके सम्मान में  विदाई गीत गाकर उन्हें विदा किया.इससे पूर्व है प्रीत जहां की रीत सदा मैं गीत वहा का गाता हूँ….भारत का रहने वाला हूँ… गीत की प्रस्तुति कर सबको भाव विभोर कर दिया.अन्य शिक्षकों वक्ताओं ने कहा की वे अपने सेवा काल में सबको सामान रूप से ज्ञान से अभिसिंचित किया.

वे अपने जीवन में विद्यालय में समय के पाबन्द रहने वाली शिक्षिका रही.सभी शिक्षक व शिष्यों ने अपने प्रिय शिक्षिका को अंग- वस्त्र व पुष्पहार से सम्मानित किया. स्थानीय गायक चितरंजन सिंह ने विदाई गीत गाकर माहौल को भावविभोर कर दिया.मौके पर शिक्षिका कामिनी कुमारी,राजीव रंजन,मनोज कुमार, संतोष सिंह, राकेश तिवारी, करुणा, विभा, मुन्नी, जगजीवन, ओम प्रकाश, वंदना, इंदु, उषा के अलावा अन्य लोगों का काफी सराहनीय योगदान रहा. 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button